Greater Noida : उत्तर प्रदेश के आधुनिक शहर ग्रेटर नोएडा में एक सरकारी विभाग के बड़े बाबू (हैड क्लर्क) को विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया है। हैड क्लर्क के रिश्वत लेते पकड़े जाने से ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में स्थित विकास भवन में हड़कंप मच गया। सभी सरकारी कर्मचारी अपने अपने कार्यालयों से बाहर निकल आए और विजिलेंस की टीम द्वारा कार्रवाई को देखते रहे।
मामला ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर का है। आपको बता दें कि सूरजपुर में जनपद गौतमबुद्धनगर का विकास भवन है। इस भवन में तमाम सरकारी विभागों के कार्यालय हैं। यहीं से अधिकांश योजनाओं का संचालन होता है। इसी भवन में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा का दफ्तर भी है। मंगलवार की सुबह अचानक से उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यहां काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पता चला कि ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के बड़े बाबू चंद्रपाल सिंह रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं।
जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार ग्रामीण अभियंत्रण सेवा में अपनी फर्म का ई श्रेणी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहुंचा और उसने विभाग के बड़े बाबू चंद्रपाल सिंह को सात हजार रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही बड़े बाबू ने सात हजार रुपये अपने हाथ में पकड़े, तुरंत वहां पर विजिलेंस की टीम पहुंच गई और विजिलेंस की टीम ने चंद्रपाल सिंह को रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़े जाने पर अपनी हिरासत में ले लिया। इसके बाद पकड़े गए प्रधान लिपिक को सूरजपुर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया। सूरजपुर कोतवाली में ही बड़े बाबू के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
मेरठ से ग्रेटर नोएडा पहुंची विजिलेंस टीम में एसपी ने बताया कि ठेकेदार ने शिकायत की थी कि उसने ई श्रेणी में ठेकेदारी में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। प्रधान लिपिक उससे रिश्वत मांगने लगा। मना करने पर रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया। पीड़ित ठेकेदार ने मामले की शिकायत विजिलेंस टीम मेरठ से की। टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई का जाल बिछाया। मंगलवार की सुबह पीड़ित प्रधान लिपिक चंद्रपाल के पास रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा। जैसे ही पीड़ित ने प्रधान लिपिक को रिश्वत दी, तुरंत विजिलेंस की टीम ने मौके पर पहुंच कर चंद्रपाल को रंगेहाथ पकड़ लिया।