
Greater Noida : अगर आप अपनी व अपने बच्चों की सेहत बनाने के लिए ब्रांडेड घी खा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ऐसा ना हो कि सेहत बनाने के फेर में आप अस्पताल पहुंच जाएं। इन दिनों बाजार में भारी मात्रा में ब्रांडेड कंपनियों का नकली घी बिक रहा है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली घी बनाकर उसे बाजार में खपा रहा था।
एसटीएफ की टीम को सूचना मिली की ग्राम नंगली वाजिदपुर गांव में अमूल, मदर डेयरी, पतंजलि फूड मिल्क का नकली घी बनाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर अक्षय परवीन कुमार त्यागी ने इसकी सूचना थाना एक्सप्रेसवे प्रभारी सुधीर कुमार को दी। इसके बाद एसटीएफ व थाने के संयुक्त पुलिस बल ने बताए गए स्थान नगली वाजिदपुर की गली नं-24 के अंदर एक मकान में छापा मारा। नंगली वाजिदपर में संदीप चौहान के किराए के मकान में चल रही नकली देसी घी बनाने की फैक्ट्री से पुलिस ने चंद्रशेखर पुत्र हसनू निवासी आजमगढ़, दीपक पुत्र मनेश ठाकुर निवासी बदरपुर दिल्ली, विकास कुमार पुत्र जगदीश प्रसाद अग्रवाल निवासी गौतमपुरी, दिल्ली तथा राजकुमार पुत्र रामचरण निवासी सरिता विहार को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में पता चला कि इस पूरे गोरखधंधे को विकास अपने साथियों की मदद से अंजाम दे रहा है। मौके से भारी मात्रा में विभिन्न कंपनियों के रैपर, खाली डब्बे में नकली घी बरामद हुआ। पुलिस की टीम ने मौके से एक महिंद्रा एक्सयूवी, मिनी ट्रक, 15 कार्टून, 22 बोरे, पांच गैस चूल्हे, होलोग्राम स्टीकर, फिलिंग मशीन, 353 कंप्रेसर, पैकेजिंग मशीन, रिफाइंड, सोयाबीन ऑयल, 15 टिन मार्का वैस्टच्वाइस, वनस्पति मार्का विभोर 20 टिन, पैकेजिंग गत्ता 23 गडडी बरामद हुए। नकली फैक्टरी में मदन डेयरी, पतंजलि, मिल्क फूड एवं कृष्णा घी के नकली रैपर भी बरामद हुए हैं।
मौके पर मौजूद खाद विभाग की टीम ने बरामदगी के सैंपल भरकर उन्हें जांच के लिए भेज दिया। पकड़े गए विकास ने बताया कि वह वनस्पति घी में एसेंस मिलाकर उसमें देसी घी की महक उत्पन्न करता था। इस नकली देसी घी को वह बाजारों में सप्लाई करता था।