ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्ची 2.5 लाख में बेचते हुए नर्स रंगे हाथ गिरफ्तार

बिसरख इलाके में नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक नर्स को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह नवजात बच्ची को करीब ढाई लाख रुपये में बेचने जा रही थी। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद अस्पताल मालिक समेत कुल

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नवजात बच्ची का सौदा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Mar 2026 05:59 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के बिसरख इलाके में नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक नर्स को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह नवजात बच्ची को करीब ढाई लाख रुपये में बेचने जा रही थी। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद अस्पताल मालिक समेत कुल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

चाइल्ड हेल्पलाइन से मिली सूचना से खुला राज

इस पूरे मामले का खुलासा चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) पर मिली एक सूचना के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक नवजात बच्ची का सौदा किया जा रहा है। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बाल कल्याण समिति और पुलिस ने मिलकर जाल बिछाया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए ग्राहक से संपर्क किया और गोद दिलाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की।

योजनाबद्ध तरीके से की गई गिरफ्तारी

टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरी रणनीति बनाई। तय योजना के मुताबिक जैसे ही नर्स नवजात बच्ची को लेकर सौदे की जगह पहुंची, उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान बच्ची से जुड़े दस्तावेज और अस्पताल के रिकॉर्ड भी बरामद हुए, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी

अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध

जांच के दौरान सामने आया कि इस पूरे मामले में नवजीवन अस्पताल का कनेक्शन है। दस्तावेज और स्टिकर मिलने के बाद पुलिस ने अस्पताल की मालिक और एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

जांच में खुल सकते हैं बड़े राज

पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी कई नवजात बच्चों की अवैध बिक्री में शामिल रहा हो सकता है। इसी के चलते अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हाल के वर्षों में यहां से जुड़े डिलीवरी मामलों की जांच भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नवजात बच्ची के असली माता-पिता की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच भी कराई जा सकती है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह मामला दिखाता है कि गोद लेने की प्रक्रिया में भी सतर्कता बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया के जरिए किए गए ऐसे प्रस्तावों से बचना चाहिए और केवल अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।


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नोएडा न्यू ज, 20 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
नोएडा न्यू ज, 20 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
locationभारत
userदिनेश गुप्ता
calendar20 Mar 2026 11:06 AM
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Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 20 मार्च को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।


Noida News: समाचार अमर उजाला से  


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार इंतजार खत्म, 28 को पीएम करेंगे एयरपोर्ट का लोकार्पण शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण करेंगे। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्यक्रम की अनुमति प्रदेश शासन को भेज दी गई। जिसके बाद शासन की ओर से जिलाधिकारी मेधा रूपम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह समेत कमिश्नरेट पुलिस को उद्‌घाटन समारोह और प्रधानमंत्री की जनसभा की तैयारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

एयरपोर्ट के प्रथम चरण में 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रथम चरण में 3900 मीटर लंबा रनवे, यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर (एटीसी) व कार्गो हब का निर्माण किया गया है। लोकार्पण की तिथि तय होने के बाद एयरपोर्ट पर पंडाल बनने शुरू हो गए हैं। यहां होने वाली प्रधानमंत्री की रैली में करीब डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस अधिकारी कार्यक्रम की तैयारी में जुट गए हैं। एयरपोर्ट के लोकार्पण की तिथि का लंबे समय से इंतजार चल रहा था। दिसंबर में भी पंडाल बनने शुरू हुए थे लेकिन बाद में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन (बकास) की ओर से सुरक्षा की हरी झंडी नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम स्थगित हो गया था। बकास की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद छह मार्च को कॉमर्शियल फ्लाइट के लिए डीजीसीए की ओर से एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया। प्रदेश शासन ने 28 और 29 मार्च की तिथि तय कर प्रधानमंत्री कार्यालय से पीएम का समय मांगा था। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से 28 मार्च को लोकार्पण के लिए तैयारियों की सहमति मिल गई। 


Noida News:


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचारचार हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री की जनसभा भी होगी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तिथि निर्धारित होने के बाद पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तीन से चार हजार पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। वहीं कार्यक्रम की घोषणा के बाद एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा सख्त कर दी गई है। पुलिसकर्मी ड्रोन उड़ाकर पूरे क्षेत्र पर नजर रख रहे हैं। पुलिस अधिकारी जेवर में होने वाले कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था का मास्टर प्लान तैयार करन में जुटे हैं। अधिकारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री के हैलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल और एयरपोर्ट के उद्घाटन स्थल तक अलग-अलग चरणों में फोर्स को तैनात किया जाएगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के तीन लेयर होंगे। जिसमें पहली लेयर में एसपीजी कमांडो होंगे। दूसरी लेयर में पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल शामिल होंगे। तीसरी लेयर पुलिस की होगी जिसमें तीन हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी शामिल होंगे। सुरक्षा का मास्टर प्लान तैयार होने के बाद सभी को उनकी प्लान जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। कार्यक्रम से पहले आ जाएगी एसपीजी प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा मुख्य रूप से एसपीजी का होता है। उद्घाटन कार्यक्रम 28 मार्च को है। एसपीजी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम से दो दिन पहले ही जेवर पहुंचकर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था जांचेगी। एयरपोर्ट के आसपास के गांव और बिल्डिंगों पर भी हथियारबंद सुरक्षा कर्मी कर्मी तैनात किए जाएंगे।

 

Hindi News:


अमर उजाला ने 20 मार्च 2026 के अंक में प्रमुख समाचार80 बोगस फर्मों का खुलासा, 637 करोड़ की फर्जी आईटीसी हुई पास शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि गौतमबुद्धनगर जोन नोएडा में राज्य कर विभाग ने बड़े स्तर पर कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 80 बोगस और अस्तित्वहीन फर्मों का पर्दाफाश किया है। विभाग द्वारा पंजीकृत फर्मों की रेकी और गहन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि राज्य क्षेत्राधिकार के तहत पंजीकृत 20 फर्म तथा केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत 60 फमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संचालित हो रही थीं। जांच में पाया गया कि इन फर्मों ने कपटपूर्ण तरीके से फर्जी प्रपत्रों के जरिए जीएसटी पंजीकरण हासिल किया था। जिनका मुख्य उद्देश्य कर चोरी करना था। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है और आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य कर विभाग के अनुसार इन बोगस फर्मों द्वारा कुल 1027, अन्य फर्मों को लगभग 637 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन की गई। इनमें से 455 फमें उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं। जबकि 574 फमें राज्य के बाहर स्थित हैं। यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ पाया गया है, जिससे कर चोरी का बड़ा जाल उजागर हुआ है। कार्रवाई के दौरान विभाग ने 78.27 करोड़ रुपये की आईटीसी को ब्लॉक कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित फर्मों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए अब तक 1788.99 करोड़ रुपये की कर मांग सृजित की गई है। इस प्रक्रिया में अब तक 162.89 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर मांग भी सृजित की गई है। शासन की कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बोगस फमों के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस और कर विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

Noida News: समाचार दैनिक जागरण से


दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 20 मार्च 2026 का प्रमुख समाचार महिला पर आवारा कुत्ते ने किया हमला शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो के सेक्टरों में इन दिनों लोग कुत्तों के आतंक से त्रस्त हैं। आए दिन सेक्टरों में बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को आवारा कुत्ते अपना निशाना बना घायल कर चुके हैं। पिछले पांच दिन में कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 10 दिन पहले सेक्टर बीटा दो में पार्क में टहलने गई एक महिला पर कुत्तों के हमले में घायल महिला की मौत की घटना के बाद भी प्राधिकरण अधिकारियों ने आवारा कुत्तों को आश्रित करना तो दूर कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण की दिशा में भी कोई कदम नहीं उठाया है। बृहस्पतिवार को सेक्टर बीटा वन में भी एक महिला रेनू वर्मा पर आवारा कुत्ते ने हमला कर घायल कर दिया। किसी तरह आसपास एकत्र लोगों ने महिला को कुत्ते के चंगुल से मुक्त कराया। सेक्टर के आरडब्ल्यूए महासचिव हरेंद्र भाटी ने बताया कि लगातार कुत्तों के काटने की घटनाओं के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। लोग अकेले पार्कों में टहलने व बाजार जाने में भी कर रहे हैं। हाथों में थैला देखकर गाड़ियों के नीचे व सड़कों पर बैठे आवारा कुत्तों का झुंड लोगों पर हमला कर देता है। इससे पूर्व भी सेक्टर में कई बार कुत्तों के काटने की घटनाएं घटित हो चुकी है। सेक्टरवासियों का कहना है कि समस्या के निदान को कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

 

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार मिनिमली इनवेसिव सर्जरी से 93 वर्षीय बुजुर्ग को मिला जीवनदान शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा सेक्टर-50 स्थित मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ ने इंटेस्टाइनल चिकित्सकों आब्स्ट्रक्शन से पीड़ित 93 साल की - बुजुर्ग का इनवेसिव सर्जरी से सफल इलाज किया है। जटिल एवं दुर्लभप्रक्रिया में सफलता के बाद चिकित्सकों ने बुजुर्ग का बेहतर स्वास्थ्य होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। डा. विवेक टंडन ने बताया कि दो सप्ताह से बुजुर्ग को पेट दर्द, सूजन, बार-बार उल्टी और मल त्याग न होने की समस्या थीं। चिकित्सकों ने कंजर्वेटिव इलाज शुरू किया, लेकिन समस्या गंभीर होने पर सर्जरी की। मरीज की उम्र और शारीरिक कमजोरी को देखकर मिनिमली इनवेसिव लैप्रोस्कोपिक से सर्जिकल ट्रामा कम किया। मरीज को लंबे समय से हाईपरटेंशन भी थी। दो दशक पहले ओपन गालब्लैडर सर्जरी हो चुकी थी। डा. दीपक गोविल के मुताबिक, 90 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज की सर्जरी में अत्यंत सूक्ष्म योजना और सर्जिकल, एनेस्थीसिया व क्रिटिकल केयर टीमों की जरूरत होती है। मिनिमली इनवेसिव तकनीक से आंत के क्षतिग्रस्त हिस्से को लगभग 2.5 सेंटीमीटर के छोटे चीरे से निकाला गया। बाद में आंत को सुरक्षित रूप से दोबारा जोड़ा। अब उनका स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। ओरल फूड देने के बाद मरीज को बिना किसी सर्जिकल या मेडिकल काम्प्लीकेशन के घर भेज दिया है।

 

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 20 मार्च  का प्रमुख समाचार दूल्हा रोता रहा, बराती नाराज हुए, पुलिस ने नहीं चलने दिया म्यूजिक सिस्टमशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नगला पदम गांव में बुधवार की रात बरात चढ़त के दौरान म्यूजिक सिस्टम पर गाना बजाकर नाचने के दौरान बरातियों के अरमानों पर पानी फिर गया। म्यूजिक सिस्टम बंद करने से नाराज बराती आक्रोशित हो गए। इस दौरान दूल्हा भी रोता हुआ नजर आया। पुलिस ने देर रात का हवाला देते हुए म्यूजिक सिस्टम बंद करा दिया। बरातियों की नाराजगी का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि रात 11 बजे म्यूजिक सिस्टम बजाया जा रहा था, जो न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। इस कारण पुलिस को हस्तक्षेप कर म्यूजिक सिस्टम बंद कराना पड़ा। रबूपुरा के नंगला पदम गांव में बुधवार की शाम को विनोद की बेटी निर्मल की बरात कासना गांव से आई थी, जैसे ही दूल्हा बरात लेकर पहुंचा तेज हवा के साथ वर्षा शुरू हो गई। खराब मौसम के चलते चढ़त रोक दी गई। रात 11 बजे म्यूजिक सिस्टम और बैंड बाजा की धुन पर चढ़त शुरू हुई। गांव के ही एक व्यक्ति ने पिता की गंभीर बीमारी का हवाला देकर सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देकर म्यूजिक सिस्टम बंद करा दिया। प्रभारी निरीक्षक श्याम बाबू शुक्ल ने बताया कि रात को 11 बजे चढ़त के दौरान 12 से अधिक म्यूजिक सिस्टम और कई बैंड बाजें तेज आवाज से बज रहे थे। रात में 10 के बाद तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार प्रतिबंधित है। इसी के तहत पुलिस ने हस्तक्षेप कर म्यूजिक सिस्टम बंद कराए।

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक दौड़ेगी मेट्रो, सेक्टर-51 से किसान चौक कॉरिडोर का नया खाका तैयार

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार कर लिया है। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

metro (12)
सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक मेट्रो विस्तार
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 05:57 PM
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Noida/Greater Noida News : लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार कर लिया है। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार को भेजी गई संशोधित डीपीआर

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संशोधित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्ताव को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड में लागत और स्वीकृति पर अंतिम फैसला होगा। यह प्रक्रिया पूरी होते ही प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की संभावना है।

नमो भारत (आरआरटीएस) रूट की अनिश्चितता के कारण बदलाव 

सूत्रों के अनुसार, नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) के प्रस्तावित रूट को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से मेट्रो परियोजना में संशोधन किया गया है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है, ताकि काम में देरी न हो। 7.5 किमी कॉरिडोर, 5 नए स्टेशन प्रस्तावित है। नई योजना के तहत कुल लंबाई: करीब 7.5 किलोमीटर है।

प्रस्तावित स्टेशन

 * सेक्टर-61

 * सेक्टर-70

 * सेक्टर-122

 * सेक्टर-123

 * ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास)

इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1250 करोड़ रुपये आंकी गई है।

बढ़ती आबादी और जाम से जूझ रहा ग्रेटर नोएडा वेस्ट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से आबादी बढ़ रही है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं। रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम को लेकर कई बार स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन भी किया है। मेट्रो सेवा शुरू होने से इन समस्याओं में काफी हद तक सुधार होने की उम्मीद है।

राज्यसभा में भी गूंजा मुद्दा

इस प्रोजेक्ट की जरूरत को देखते हुए मामला राज्यसभा में भी उठाया जा चुका है। वहां क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जल्द मंजूरी देने की मांग की गई थी। इस मेट्रो कॉरिडोर के बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच तेज कनेक्टिविटी हो जाएगी। ट्रैफिक जाम में कमी तथा समय और ईंधन की बचत होगी व रियल एस्टेट और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सेक्टर-51 से किसान चौक तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना पर काम शुरू हो सकेगा।


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