ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी से चल रहा था धमकी देने का धंधा
साथ ही गिरोह के सदस्य नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल भी भेजते थे। नोएडा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ठगी तथा धमकी का धंधा करने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

Greater Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने वाली धमकी अब नहीं मिलेगी। पुलिस ने बेटिंग ऐप से ठगी करने वाले उस गिरोह का सफा कर दिया है जो गिरोह नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को धमकी से उड़ाने की धमकी देता रहता था। बेटिंग ऐप के द्वारा बड़ी-बड़ी ठगी करने वाले गिरोह को धमकी देने के धंधे में मजा आता था। स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने का यह पूरा धंधा ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गाँव से चलाया जा रहा था।
ठगी के साथ-साथ धमकी का धंधा चला रहा था एक बड़ा गिरोह
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गाँव से एक बहुत बड़ा गिरोह संचालित किया जा रहा था। यह गिरोह ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में बैठकर लोगों को बेटिंग ऐप के द्वारा ठगता था। साथ ही गिरोह के सदस्य नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल भी भेजते थे। नोएडा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ठगी तथा धमकी का धंधा करने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। इस गिरोह के कब्जे से STF को अनेक प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री के साथ ही वह फोन भी मिल गया है जिसके द्वारा नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने वाली धमकी दी जाती थी।
STF के ASP ने दी पूरी जानकारी
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय STF की टीम ने ठगी तथा धमकी वाले गिरोह को पकड़ा है। इस पूरे मामले की जानकारी STF के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) राजकुमार मिश्रा ने पत्रकारों को दी है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को जिले के विभिन्न स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए थे। मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ नोएडा इकाई को जांच सौंपी गई। जांच में सामने आया कि धमकी भरा मेल यूएसए से ओरिजिनेट हुआ था। हालांकि तकनीकी पड़ताल में यह भी पता चला कि उससे जुड़े रिकवरी ई-मेल का लिंक बांग्लादेश और भारत से जुड़ा था। आगे की जांच में रिकवरी मेल का कनेक्शन थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा पाया गया। इसी आधार पर शुक्रवार को एस्?टॉरिक ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कॉल सेंटर के पीछे छिपा हुआ था पूरा गिरोह
बेटिंग ऐप से ठगी करने तथा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरोह एक कॉल सेंटर के पीछे छिपा हुआ था। STF के ASP राजकुमार मिश्रा ने बताया कि STF की टीम ने शाहबेरी स्थित आरोपियों के संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा। वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए। पूछताछ के लिए सभी संदिग्धों को एसटीएफ कार्यालय लाया गया। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप के लिए कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यह गिरोह अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था। मोबाइल और लैपटॉप में बड़ी संख्या में ऐसी ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं। आरोपी वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन एप का इस्तेमाल कर अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाते थे। आरोपी मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिकों को ऑनलाइन बेटिंग में निवेश के लिए प्रेरित करते थे। लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती थी। आरोपियों की ओर से कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को टेक सपोर्ट भी दिया जा रहा था।
नेपाल के रहने वाले हैं गिरोह के सदस्य
ठगों के इस गिरोह के गिरफ्तार आरोपियों में अमीष जंग कार्की (नेपाल), अनंत कुमार (आगरा), दिव्यांशु (बिहार), साहिल कुमार (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल) और केदारनाथ (नेपाल) शामिल हैं। आरोपियों के पास से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19,500 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है।पुलिस पूछताछ में मूल रूप से नेपाल निवासी सरगना अमीष ने वर्ष 2019-20 में ऑस्ट्रेलिया से बीबीए करने की बात कही है। वर्ष 2023 में उसने देवराज के साथ गेममानो कंपनी में काम किया था। सोशल मीडिया के जरिये अनंत को जोड़ा जो पहले नोएडा स्थित धनी एप ऑफिस में काम करता था। वहीं अनंत और दिव्यांशु इंटरमीडिएट पास हैं। दोनों की उम्र करीब 25 वर्ष है। लेखनाथ और केदारनाथ ने नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से एमबीए की पढ़ाई की है। Greater Noida News
Greater Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने वाली धमकी अब नहीं मिलेगी। पुलिस ने बेटिंग ऐप से ठगी करने वाले उस गिरोह का सफा कर दिया है जो गिरोह नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को धमकी से उड़ाने की धमकी देता रहता था। बेटिंग ऐप के द्वारा बड़ी-बड़ी ठगी करने वाले गिरोह को धमकी देने के धंधे में मजा आता था। स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने का यह पूरा धंधा ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गाँव से चलाया जा रहा था।
ठगी के साथ-साथ धमकी का धंधा चला रहा था एक बड़ा गिरोह
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गाँव से एक बहुत बड़ा गिरोह संचालित किया जा रहा था। यह गिरोह ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में बैठकर लोगों को बेटिंग ऐप के द्वारा ठगता था। साथ ही गिरोह के सदस्य नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल भी भेजते थे। नोएडा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ठगी तथा धमकी का धंधा करने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। इस गिरोह के कब्जे से STF को अनेक प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री के साथ ही वह फोन भी मिल गया है जिसके द्वारा नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने वाली धमकी दी जाती थी।
STF के ASP ने दी पूरी जानकारी
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय STF की टीम ने ठगी तथा धमकी वाले गिरोह को पकड़ा है। इस पूरे मामले की जानकारी STF के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) राजकुमार मिश्रा ने पत्रकारों को दी है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को जिले के विभिन्न स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए थे। मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ नोएडा इकाई को जांच सौंपी गई। जांच में सामने आया कि धमकी भरा मेल यूएसए से ओरिजिनेट हुआ था। हालांकि तकनीकी पड़ताल में यह भी पता चला कि उससे जुड़े रिकवरी ई-मेल का लिंक बांग्लादेश और भारत से जुड़ा था। आगे की जांच में रिकवरी मेल का कनेक्शन थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा पाया गया। इसी आधार पर शुक्रवार को एस्?टॉरिक ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कॉल सेंटर के पीछे छिपा हुआ था पूरा गिरोह
बेटिंग ऐप से ठगी करने तथा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरोह एक कॉल सेंटर के पीछे छिपा हुआ था। STF के ASP राजकुमार मिश्रा ने बताया कि STF की टीम ने शाहबेरी स्थित आरोपियों के संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा। वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए। पूछताछ के लिए सभी संदिग्धों को एसटीएफ कार्यालय लाया गया। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप के लिए कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यह गिरोह अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था। मोबाइल और लैपटॉप में बड़ी संख्या में ऐसी ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं। आरोपी वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन एप का इस्तेमाल कर अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाते थे। आरोपी मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिकों को ऑनलाइन बेटिंग में निवेश के लिए प्रेरित करते थे। लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती थी। आरोपियों की ओर से कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को टेक सपोर्ट भी दिया जा रहा था।
नेपाल के रहने वाले हैं गिरोह के सदस्य
ठगों के इस गिरोह के गिरफ्तार आरोपियों में अमीष जंग कार्की (नेपाल), अनंत कुमार (आगरा), दिव्यांशु (बिहार), साहिल कुमार (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल) और केदारनाथ (नेपाल) शामिल हैं। आरोपियों के पास से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19,500 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है।पुलिस पूछताछ में मूल रूप से नेपाल निवासी सरगना अमीष ने वर्ष 2019-20 में ऑस्ट्रेलिया से बीबीए करने की बात कही है। वर्ष 2023 में उसने देवराज के साथ गेममानो कंपनी में काम किया था। सोशल मीडिया के जरिये अनंत को जोड़ा जो पहले नोएडा स्थित धनी एप ऑफिस में काम करता था। वहीं अनंत और दिव्यांशु इंटरमीडिएट पास हैं। दोनों की उम्र करीब 25 वर्ष है। लेखनाथ और केदारनाथ ने नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से एमबीए की पढ़ाई की है। Greater Noida News












