ग्रेटर नोएडा में विदेश नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, युवाओं से ठगे लाखों

ग्रेटर नोएडा में इस रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब विदेश रवाना होने की तैयारी में कुछ पीड़ित एयरपोर्ट और दूतावास पहुंचे। वहां जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जिन दस्तावेजों के सहारे वे यात्रा करने जा रहे हैं, वे पूरी तरह नकली हैं। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।

ग्रेटर नोएडा ठगी रैकेट का खुलासा
ग्रेटर नोएडा ठगी रैकेट का खुलासा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 01:26 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फिनलैंड, रूस, पोलैंड समेत यूरोपीय देशों में रोजगार और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा था। शुरुआती जांच में कम से कम 28 पीड़ितों के साथ ठगी की बात सामने आई है। आरोप है कि गिरोह हर व्यक्ति से 80 हजार से 1 लाख रुपये तक लेकर फर्जी वीजा थमा देता था। ग्रेटर नोएडा में इस रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब विदेश रवाना होने की तैयारी में कुछ पीड़ित एयरपोर्ट और दूतावास पहुंचे। वहां जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जिन दस्तावेजों के सहारे वे यात्रा करने जा रहे हैं, वे पूरी तरह नकली हैं। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।

गौर सिटी मॉल से चल रहा था फर्जी जॉब नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल की नौवीं मंजिल पर ‘स्काई वीजा वेंचर’ नाम से एक ऑफिस संचालित किया जा रहा था। इसी दफ्तर से कथित तौर पर विदेश नौकरी और वर्क वीजा का पूरा खेल चलाया जा रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो बेहतर कमाई और विदेश में रोजगार की तलाश में थे। पीड़ितों से संपर्क होने के बाद उन्हें फिनलैंड, रूस और पोलैंड जैसे देशों में नौकरी का लालच दिया जाता था। भरोसा जीतने के बाद उनसे पासपोर्ट लिए जाते और मोटी रकम वसूली जाती। बाद में उन्हें व्हाट्सएप पर वीजा भेज दिया जाता, जिसे असली बताकर विदेश यात्रा की तैयारी करने को कहा जाता था।

शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस हरकत में आई

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब गाजियाबाद के नंदग्राम निवासी मोहम्मद अनीस ने बिसरख थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें और 27 अन्य लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर ठगा गया है। शिकायत मिलते ही ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए 35 वर्षीय सक्षम शर्मा उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया। उसे एटीएस रोड, बिसरख क्षेत्र से पकड़ा गया। मामले में उसका एक साथी, राजीव शर्मा उर्फ सुरेंद्र, अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

एयरपोर्ट पर खुली फर्जी वीजा की पोल

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने पीड़ितों को इतने भरोसे के साथ जाली दस्तावेज दिए थे कि वे बिना शक किए यात्रा की तैयारी में जुट गए। लेकिन जैसे ही वे एयरपोर्ट या संबंधित दूतावास पहुंचे, दस्तावेजों की सच्चाई सामने आ गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि वीजा पूरी तरह फर्जी थे। यहीं से ग्रेटर नोएडा से संचालित इस कथित अंतरराष्ट्रीय जॉब फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले चार से पांच महीनों से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे। सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर वे बेरोजगार युवाओं और विदेश में काम करने के इच्छुक लोगों को जाल में फंसा रहे थे।

आरोपी के पास से क्या-क्या मिला

गिरफ्तार आरोपी सक्षम शर्मा के पास से पुलिस को कई ऐसे दस्तावेज और सामान मिले हैं, जिन्होंने इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खोल दी हैं। बरामदगी में 8 पासपोर्ट, 24 कथित फर्जी वीजा की कॉपी, 90 विजिटिंग कार्ड, ‘स्काई वीजा वेंचर’ के 37 लेटर पैड, 2 फर्जी मुहरें और 47 हजार रुपये नकद शामिल हैं। इन सामानों से साफ संकेत मिलता है कि ग्रेटर नोएडा में बैठकर यह गिरोह बेहद सुनियोजित ढंग से विदेश नौकरी के नाम पर लोगों को जाल में फंसा रहा था। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है कि इस रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और अब तक कितने बेरोजगार युवाओं को इसका शिकार बनाया जा चुका है।

पहले भी दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उस पर मेरठ और पानीपत में मुकदमे चल रहे हैं। ऐसे में पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह रैकेट कई शहरों में फैला हुआ नेटवर्क तो नहीं है। Greater Noida News

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पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने कर दिया बड़ा दावा, किया सेवा का वायदा

दरअसल कपिल देव ने ग्रेटर नोएडा शहर के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में KDSG के नाम से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया है। ग्रेटर नोएडा में स्थापित किए गए अस्पताल के मकसद के विषय में कपिल देव ने कहा है कि अस्पताल के द्वारा वें मानवता की भरपूर सेवा करना चाहते हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कपिल देव की नई पारी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कपिल देव की नई पारी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Mar 2026 02:44 PM
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Greater Noida News : प्रसिद्ध पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने बड़ा दावा किया है। भारत को क्रिकेट का पहला विश्व कप दिलवाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव का यह दावा उनकी नई पारी को लेकर है। दरअसल कपिल देव ने ग्रेटर नोएडा शहर के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में KDSG के नाम से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया है। ग्रेटर नोएडा में स्थापित किए गए अस्पताल के मकसद के विषय में कपिल देव ने कहा है कि अस्पताल के द्वारा वें मानवता की भरपूर सेवा करना चाहते हैं।

कपिल देव बोले कि मानवीय संवेदना के साथ होगा इलाज

ग्रेटर नोएडा में स्थापित KDSG अस्पताल का मकसद स्पष्ट करते हुए पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने कहा है कि अस्पताल की स्थापना का मकसद केवल बीमारी का इलाज करना नहीं बल्कि मरीजों की गरिमा, भरोसे तथा स्वस्थ होने की हिम्मत को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा के KDSG अस्पताल का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की मानवीय संवेदना के साथ जोडक़र मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज देना है। इस अस्पताल का उद्घाटन हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है।ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिला अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र

आपको बता दें कि KDSG अस्पताल के रूप में तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात सामने आई है। महान भारतीय क्रिकेटर Kapil Dev के नाम से स्थापित KDSG सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अब इस पूरे क्षेत्र के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का नया केंद्र बनकर उभरा है। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों की टीम और मल्टी-स्पेशलिटी सुविधाओं से लैस यह अस्पताल ग्रेटर नोएडा वेस्ट तथा आसपास के इलाकों के मरीजों को बड़े शहरों की तर्ज पर इलाज उपलब्ध कराएगा। KDSG सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां मरीजों को एक ही छत के नीचे कई प्रकार की चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, हाई-टेक ICU, आपातकालीन सेवाएं और उन्नत डायग्नोस्टिक लैब की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और जनरल सर्जरी जैसी कई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू की गई हैं। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अब दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की ओर भागना नहीं पड़ेगा।

24 घंटे इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर भी स्थापित

KDSG अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषताओं में 24×7 इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर यूनिट शामिल है। सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर स्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार देने के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ हर समय उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा अत्याधुनिक एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे आसपास के क्षेत्रों से मरीजों को तेजी से अस्पताल तक पहुंचाया जा सके। KDSG अस्पताल में अत्याधुनिक CT स्कैन, MRI, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे मरीजों की जांच और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक हो सकेगी। अस्पताल में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यहां मरीजों को कुशल चिकित्सा, आधुनिक उपकरण और मानवीय व्यवहार के साथ इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए बड़ी राहत लेकर आया अस्पताल

तेजी से बढ़ती आबादी के कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लंबे समय से बड़े अस्पताल की जरूरत महसूस की जा रही थी। KDSG सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा एक्सटेंशन, गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस अस्पताल के शुरू होने से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का स्तर भी काफी मजबूत होगा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में KDSG सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुरू होना क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ यह अस्पताल आने वाले समय में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र बन सकता है। Greater Noida News


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ग्रेटर नोएडा में अनजान युवकों ने लगाया चूना, स्कूटी लेकर हुए गायब

पुलिस को दी गई शिकायत में ग्रेटर नोएडा के लखनावली गांव निवासी नवीन शर्मा ने बताया कि 2 मार्च की रात वह गांव में स्थित शराब के ठेके के पीछे बैठा हुआ था। उसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और बातचीत करते-करते उसके साथ शराब पीने लगे।

ग्रेटर नोएडा स्कूटी चोरी
ग्रेटर नोएडा स्कूटी चोरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar09 Mar 2026 01:18 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा और उससे सटे इलाकों में वाहन चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के लखनावली गांव से जुड़ा है, जहां शराब के ठेके के पीछे बैठे एक युवक को तीन अनजान युवकों से मेलजोल बढ़ाना महंगा पड़ गया। आरोप है कि युवकों ने पहले उसके साथ बैठकर शराब पी, फिर पानी लाने का बहाना बनाकर उसकी स्कूटी लेकर फरार हो गए। इस संबंध में थाना सूरजपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत में ग्रेटर नोएडा के लखनावली गांव निवासी नवीन शर्मा ने बताया कि 2 मार्च की रात वह गांव में स्थित शराब के ठेके के पीछे बैठा हुआ था। उसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और बातचीत करते-करते उसके साथ शराब पीने लगे। कुछ देर बाद जब पानी खत्म हो गया तो उन युवकों ने पास की दुकान से पानी लाने की बात कही।

पानी लाने की बात कहकर ले गए स्कूटी

नवीन शर्मा के मुताबिक, नशे की हालत में उसने अपनी स्कूटी की चाबी उन युवकों को दे दी। तीनों युवक स्कूटी लेकर वहां से निकले, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटे। इंतजार लंबा होने पर उसे शक हुआ कि उसके साथ छल किया गया है। इसके बाद उसने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले पीड़ित का भरोसा जीता, फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर स्कूटी लेकर फरार हो गए।

अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा

वाहन चोरी का एक और मामला सेक्टर-24 थाना क्षेत्र में भी सामने आया है। यहां विजय बहादुर नामक व्यक्ति ने अपना ई-रिक्शा चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके अनुसार, 21 फरवरी की सुबह वह डीपी रस्तोगी सेंटर इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल के बाहर ई-रिक्शा खड़ा कर दवाई लेने गया था। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटा तो उसका ई-रिक्शा गायब मिला। उसने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन वाहन का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक मामले में जहां परिचय बढ़ाकर स्कूटी चोरी की गई, वहीं दूसरे मामले में अस्पताल के बाहर खड़ा ई-रिक्शा अज्ञात चोर उठा ले गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। Greater Noida News

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