Greater Noida Kisan Andolan: धरना खत्म कराने वाले नेताओं को बख्शा नहीं जाएगा: ब्रह्मपाल नागर
Greater Noida Kisan Andolan
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 09:44 PM
Greater Noida Kisan Andolan: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले लंबे समय से किसान सभा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान प्राधिकरण पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का प्रदर्शन 78 वे दिन जारी है। किसानो ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब तक समस्याओं का हल नहीं तब तक घर वापसी नहीं होगी। आज धरने की अध्यक्षता ब्रह्मवती देवी मायचा ने व संचालन सतीश यादव ने किया। साथ ही ही महिलाओं ने बड़ा एलान कर दिया उन्होंने प्रदर्शन को स्थगित कराने वाले प्रतिनिधि के घर को घेरने की भी बात कही।
ठोस जवाब नहीं मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे किसान
किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकारियों से ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बनी है परंतु जो जटिल मुद्दे हैं उनको लेकर उनके पास अभी कोई ठोस जवाब नहीं है और जब तक हमें अपने मुद्दों को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं मिल जाता हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्राधिकरण के अंदर वर्षों से बैठे हुए अधिकारियों की मानसिकता किसान और मजदूर विरोधी है। वह चीजों को बहुत ही विकृत रूप देकर शासन के सामने प्रस्तुत करते हैं। जिससे समस्याओं का हल होने में बाधा उत्पन्न होती है ऐसे अधिकारियों को या तो जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए या उनको यहां से ट्रांसफर कर किसी दूसरी जगह पर भेज दिया जाए, इस मानसिकता के अधिकारी किसी भी रूप में किसान को समृद्ध नहीं होते देखना चाहते।
अधिकारियों को बदलनी होगी अपनी मानसिकता
किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल नागर का कहना है कि इस धरने का नेतृत्व कर रहे किसान सभा के सभी साथी मुद्दों के प्रति गंभीर हैं और उनको क्षेत्र के मुद्दों को लेकर समझ भी है अगर कोई अधिकारी किसानों को गुमराह करना चाहता है तो यह हम हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे और अधिकारियों को अपनी मानसिकता हर सूरत में बदलनी होगी। किसान गवरी मुखिया का कहना है कि हमारे क्षेत्र में बड़ी मात्रा में युवा बेरोजगार हैं और हमारी ही जमीनों पर उद्योग धंधे लगाए जा रहे हैं लेकिन उसमें हमारे ही युवाओं को रोजगार ना मिले यह हमारे साथ सरासर अन्याय है। किसान सभा के जिला सचिव जगबीर नंबरदार ने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों को यहां के किसानों ने बहुत बड़ी संख्या में वोट देकर सदनों में भेजा है। परंतु हमारे जनप्रतिनिधि हमारी ही बातों को सदनों में उठाने में संकोच करते हैं और प्रदेश के मुखिया के सम्मुख हमारी पैरवी करने में असमर्थ है, हमारे साथ पिछले दिनों धोखा किया गया था हम को लिखित आश्वासन देने के बावजूद हमारी समस्याओं का निदान नहीं किया गया।इसलिए हमें पुनः धरने पर आना पड़ा।
जरूरत पड़ने पर घरों का भी करेंगी घेराव
आज के धरने की अध्यक्षता कर रही ब्रह्मबती देवी ने कहा कि हम महिलाओं ने संकल्प लिया है जब तक एक एक किसान परिवार को 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट नहीं मिल जाएगा तब तक हम अपने कदम पीछे नहीं हटाने वाली। महिला किसान राजेश भाटी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो महिलाएं जेल भरने का काम भी करेंगी और जो प्रतिनिधि और नेता हमारे धरने को समाप्त करा कर आराम से बैठे हैं हम उनको भी चैन से नहीं रहने देंगे और भविष्य में जरुरत पड़ी तो उनके घरों को भी घेरने का कार्य किया जाएगा।
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6 अगस्त को धरने पर उपस्थित होंगे सभी किसान संगठन
जय जवान जय किसान मोर्चा के अध्यक्ष सुनील फौजी ने कहा कि देश के अंदर एक जनवरी 2014 से नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू हो गया है। परंतु अभी तक इस जिले के किसान नए भूमि अधिग्रहण कानून से वंचित है। ये हमारे साथ सरासर धोखा है हम सभी संगठनों को एक करके इस जिले के किसानों को उनके अधिकार दिला कर ही रहेंगे। इसी कड़ी में हमने 6 अगस्त को सभी किसान संगठनो को एक साथ धरना स्थल पर आमंत्रित किया है और उसके बाद हम आगे की रणनीति के विषय में निर्णय लेंगे।
भूमिहीन किसानों के लिए लड़ रहे न्याय की लड़ाई
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि गांव में किसानों के साथ-साथ खेती पर गुजारा करने वाले भूमिहीन बड़ी मात्रा में निवास करते हैं और जब से किसानों की जमीन अधिग्रहण हुई है तब से उनके सामने जीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है। हमारी हर गांव में बड़ी मात्रा में एलएमसी जमीन व चकबंदी के दौरान की गई कटौती की जमीन का मुआवजा प्राधिकरण किसी को नहीं देता। उस जमीन पर हम अपने भूमिहीन भाइयों के लिए 40 वर्ग मीटर का प्लॉट मांग रहे हैं। यह मांग हमारी न्याय संगत है और हम अपने भूमिहीन भाइयों को उनका अधिकार दिला कर रहेंगे।
Greater Noida Kisan Andolan मुख्य रूप से यह लोग रहे उपस्थित
आज के धरने में मुख्य रूप से चंद्र मल प्रधान, पप्पू प्रधान, संजय नागर, भीम पहलवान, संदीप भाटी, प्रशांत भाटी, सुरेंद्र यादव, लाजपत राय शर्मा, रंगीलाल भाटी, धनीराम भाटी, मास्टर रणवीर सिंह, ब्रह्म नम्बरदार, राकेश प्रधान, नरेंद्र भाटी, हरेंद्र खारी, शीशांत भाटी, निशांत रावल, राम सिंह नागर, पुष्पा देवी, पूनम भाटी, गीता भाटी, रामवती, सुनीता, पुष्पा, पूजा सहित हजारों की संख्या में किसान मौजूद रहे।