
ग्रेटर नोएडा लाइव। वर्ष 2006 में देश तथा विदेश की जनता को झकझोर देने वाले निठारी कांड के मुख्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल से रिहा कर दिया गया। पंढेर की रिहाई के वक्त जिला जेल के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। निठारी कांड जैसी दरिंदगी और हैवानियत इन दिनों इंटरनेट की अंडरवर्ल्ड डार्कवेब साइट रेडरूम पर लाइव दिखायी जा रहा है। जिससे न केवल बच्चों बल्कि बड़ों में भी भय का माहौल बना है। भारत में इस तरह की साइट पर रोक के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
डार्कवेब साइट को इंटरनेट पर अंडरवर्ल्ड कहा जाता है। इस तरह की साइटों पर हथियार, मादक पदार्थ और अश्लील वीडियो की बिक्री किए जाने के साथ ही हैवानियत का खेल होता है। मोबाइल-इंटरनेट की लत, एडवेंचर और कुछ नया हासिल करने की चाहत में युवा और किशोर अपने भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। डार्क वेब के जरिये गौतमबुद्ध नगर में पहले ही मादक पदार्थ बिक्री और क्रेडिट कार्ड हैक कर फर्जीवाड़े का खुलासा हो चुका है।
डार्क वेब पर रेडरूम के अलावा सिल्क रोड, कैनिबल कैफे, मिस्ट्री बॉक्स नाम की तमाम साइटे हैं, जिन पर अवैध गतिविधियों का संचालन होता है। डार्क रूम पर रेकी, जासूसी से लेकर सुपारी लेकर हत्या के सौदे भी किये जाते रहे हैं। दुनियाभर के लोगोें के हैक किए गए डेबिट-क्रेडिट कार्ड की डिटेल भी डार्क रूम पर बोली लगाकर बेची जा रही है। किसी व्यक्ति विशेष की निजी वीडियो, लोकेशन व अन्य जानकारियों के अलावा यहां सक्रिय हैकर्स फेसबुक, इंस्टाग्राम हैक करने का भी दावा रुपये लेकर करते हैं।
डार्क वेब पर अपराध करने और कराने वाले अधिक सक्रिय हैं लेकिन दरिंदगी और हैवानियत की वीडियो डार्क वेब पर न केवल लोग देख रहे हैं बल्कि चैटिंग से बोली लगाकर अपने तरीके से हैवानियत कराने की रकम अदा कर रहे हैं। दावा किया जाता है कि ये वीडियो असली हैं। ऐसे वीडियो बच्चों का मानसिक रोगी बना रहे हैं।
डार्कवेब पर निठारी कांड जैसी हैवानियत लाइव दिखाई जा रही है। कभी गेम में जीत हासिल करने की चाहत में युवा और किशोर यहां से प्रेरित होकर अपनी जान तक गवां चुके हैं। वर्ष 2020 में दादरी मेें हाईस्कूल के छात्र दीपांशु चौहान ने खुदकुशी कर ली थी। जान देने से पहले उसने इंस्ट्रग्राम पर भगवान और शैतान की लड़ाई चलने और सबको मरना होगा जैसी बातें लिखी थीं। परिजन का कहना था कि दीपांशु हमेशा मोबाइल में वीडियो देखता रहता था। आशंका जताई गई थी कि दीपांशु डार्क वेब में फंस गया था।
ग्रेटर नोएडा की एक महिला का अश्लील वीडियो भी डार्कवेब साइट पर वायरल हो चुका है। जिसके बाद महिला के ससुरालियों ने उसे अपने साथ रखने से मना कर दिया था। नॉलेज पार्क स्थित पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र की को-ओर्डिनेटर व कानूनी विशेषज्ञ डॉ. रितु गौतम ने बताती हैं कि काउंसलिंग में पता चला कि कोरोना काल में महिला ने इंटरनेट पर सक्रियता बढ़ा ली। वह डार्कवेब में जाकर अश्लील वीडियो बनाकर पैसे कमाने लगी। महिला के वीडियो वायरल हो गए थे।
ग्रेटर नोएडा के तत्कालीन डीसीपी आईपीएस अभिषेक वर्मा ने 18 सितंबर 2022 को डार्कवेब पर ग्राहक बनकर विदेशी ड्रग्स तस्करी में लिप्त तीन छात्रों को गिरफ्तार कर 29 लाख की ड्रग्स बरामद की थी। आरोपी छात्र दिल्ली, हरियाणा से नॉलेज पार्क क्षेत्र के कॉलेज के पास ड्रग्स लेकर पहुंचे थे। इसी वर्ष मई में ग्रेटर नोएडा में दो ड्रग्स फैक्टरी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। इसमें भी डार्कवेब के जरिये मादक पदार्थ खरीद-फरोख्त की बात सामने आई थी। पिछले साल सूरजपुर पुलिस व साइबर सेल ने डार्क वेब से क्रेडिट कार्ड हैक कर होटल में पार्टी करने वाले आरोपियों को पकड़ा था।
डीसीपी साइबर क्राइम रामबदन सिंह का कहना है कि किशोर, युवा और लोगों को इंटरनेट और साइबर अपराध से बचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल ‘थिंक बिफोर क्लिक’ थीम पर जागरूक किया जा रहा है। मोबाइल-इंटरनेट से जुड़े अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय जागरूकता है। अगर हम किसी भी वीडियो, साइट व लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके बुरे नतीजे के बारे में जान लेंगे तो इनसे जुड़े अपराध से बचना आसान होगा।