
ग्रेटर नोएडा लाइव : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जिम्स अस्पताल में पंद्रह दिन तक फ्रीजर में शव रखने और काफी देरी से पुलिस को सूचना देने के मामले में चेतना मंच की खबर रंग लाई है। आखिरकार 72 वर्षीय मृतक बुजुर्ग का मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर दाह संस्कार करा दिया। मृतक के पड़ोसी चवल नामक व्यक्ति ने किया।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर पुलिस को बीते 7 अक्टूबर को सोहन पाल नामक व्यक्ति की मौत होने का मीमो जिम्स अस्पताल से भेजा गया। अस्पताल से भेजे गए डेथ मीमो को देखकर पुलिसकर्मी चौंक उठे। डेथ मीमो में उक्त व्यक्ति की मौत की तिथि 23 सितंबर 2023 लिखी हुई थी। डेथ मीमो मिलने के बाद हालांकि पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बताया जाता है कि जिम्स अस्पताल द्वारा देरी से सूचना देने की कोई स्पष्ट वजह न होने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में भी देरी हुई।
22 अगस्त को सोहनपाल को ब्रेन हेमरेज हुआ था। पड़ोसी चवल ने उन्हें राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में भर्ती कराकर करीब दो माह तक देखने नहीं गया। जिम्स प्रशासन का कहना है कि चवल ने जिम्स में जो मोबाइल नंबर लिखाया था, वह भी गलत था। इसके चलते अस्पताल प्रबंधन उनसे बात नहीं कर सका।
23 सितंबर को उपचार के दौरान सोहनपाल की मौत हो गई। इस दौरान उनके शव को जिम्स के शवगृह (मोर्चरी) में रख दिया गया। सोहनपाल की मौत के करीब 15 दिन बाद जिम्स की ओर से 7 अक्तूबर को कासना कोतवाली में जानकारी दी गई। कासना पुलिस ने ईटा-1 का पता देखकर सूरजपुर कोतवाली से संपर्क किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले भेजा गया। मौत के इतने दिन बाद पंचनामा भरे जाने के कारण पोस्टमार्टम हाउस के डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध मानते हुए दो डॉक्टरों का पैनल बनाया। 10 अक्तूबर को वृद्ध के शव का पोस्टमार्टम हो सका।
मंगलवार को पुलिस ने बुजुर्ग के शव का पोस्टमार्टम कराया तो पीएम हाउस बुजुर्ग का पड़ोसी चवल पहुंच गया। चवल ने बुजुर्ग का शव अपनी सुपुर्दगी में लिया और पोस्टमार्टम कराया। बताया जाता है कि चवल, मृतक बुर्जुग सोहन लाल का बेहद करीबी था। मृतक बुर्जुग चवल को अक्सर कहता था कि उसका दाह संस्कार वही करें।
15 दिनों तक शव गृह में शव रखकर भूलने के मामले में जिम्स प्रशासन ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देगी। मूलरूप से उड़ीसा निवासी सोहनपाल ईटा-1 स्थित एक मकान में लगभग 13 वर्षों से रहते थे। छोटा-मोटा कार्य कर अपना गुजारा करते थे।
जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बुजुर्ग की मौत के बाद शव की जानकारी पुलिस को देरी से देने के मामले में एक जांच कमेटी गठित की है। कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।
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