ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस गोलचक्कर का आकार कम करने और इससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई घटाने का काम शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल ITBP गोलचक्कर पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस गोलचक्कर का आकार कम करने और इससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई घटाने का काम शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि अगले दो से तीन महीने में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के Sector Pi-1 स्थित ITBP गोलचक्कर को लंबे समय से ट्रैफिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम के पीक ऑवर में यहां वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन चुकी थीं। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने गोलचक्कर के ढांचे में बदलाव का काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत गोलचक्कर की परिधि कम की जा रही है, जबकि उससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई भी घटाई जा रही है, ताकि वाहनों को मुड़ने और निकलने के लिए अधिक जगह मिल सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, ITBP गोलचक्कर के चारों ओर सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ाने के लिए करीब 2.5 मीटर तक स्पेस निकाला जा रहा है, जबकि डिवाइडरों की लंबाई में भी लगभग 2.7 मीटर की कमी की जा रही है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि गोलचक्कर के पास ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन बिना रुकावट के गुजर सकेंगे। सिर्फ ट्रैफिक सुधार ही नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को नया और आकर्षक रूप देने की भी तैयारी है।
ITBP गोलचक्कर के अलावा ग्रेटर नोएडा के कई अन्य व्यस्त चौराहे भी प्राधिकरण की सुधार योजना में शामिल किए गए हैं। इनमें Sector Beta-1 का रामपुर गोलचक्कर, Ryan School चौराहा, एलजी चौक, लेबर चौक डेल्टा-1 और अमृतपुरम जैसे स्थान प्रमुख हैं। इन इलाकों में भी व्यस्त घंटों के दौरान जाम की समस्या बढ़ती रही है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इन बिंदुओं को व्यवस्थित और अधिक ट्रैफिक-फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1, रामपुर गोलचक्कर को भी पुनर्विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण की योजना है कि इस गोलचक्कर का आकार भी कम किया जाए और उसे आधुनिक ट्रैफिक जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया जाए। माना जा रहा है कि इससे Beta-1 और आसपास के सेक्टरों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते यातायात को देखते हुए ऐसे चौराहों का पुनर्गठन अब जरूरत बन गया है।
ग्रेटर नोएडा के ACEO सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ITBP गोलचक्कर पर ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। गोलचक्कर का आकार छोटा किया जा रहा है और डिवाइडरों की लंबाई भी कम की जा रही है। साथ ही आसपास की सर्विस रोड को भी दुरुस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि मुख्य सड़क पर दबाव कम किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ITBP से Wipro गोलचक्कर तक करीब दो किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के निर्माण की योजना भी तेज कर दी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम के अनुसार, इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में गोदरेज सोसाइटी की ओर सर्विस रोड बनाई जाएगी। इस परियोजना पर करीब 5.23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सर्वे में यह पाया गया था कि शहर की कई अहम सड़कों के किनारे सर्विस रोड का अभाव है। यही वजह है कि लोकल ट्रैफिक और मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहनों का दबाव एक साथ बढ़ जाता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है। अब प्राधिकरण इस कमी को दूर कर ग्रेटर नोएडा की सड़कों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ITBP गोलचक्कर और आसपास के चौराहों पर प्रस्तावित ये बदलाव लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा के लोगों को रोजाना के जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क चौड़ी होने, डिवाइडर छोटे होने और सर्विस रोड विकसित होने से ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा। खासतौर पर दफ्तर जाने वाले, स्कूल बसें, औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले कर्मचारी और स्थानीय निवासी इस सुधार का सीधा लाभ उठा सकेंगे। Greater Noida News