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ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और तिलपता क्षेत्र में लगने वाले भारी जाम से राहत दिलाने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब तिलपता गोलचक्कर के पास लगभग 5 किलोमीटर लंबा 6 लेन एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी कर रहा है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और तिलपता क्षेत्र में लगने वाले भारी जाम से राहत दिलाने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब तिलपता गोलचक्कर के पास लगभग 5 किलोमीटर लंबा 6 लेन एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा, दादरी, सूरजपुर और आसपास के गांवों के लोगों को सुगम और तेज आवागमन की सुविधा देना है। अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट (व्यवहार्यता अध्ययन) उत्तर प्रदेश सेतु निगम से तैयार कराई जाएगी। उच्चाधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत सर्वे शुरू होगा और फिर डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई जाएगी। Greater Noida News
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड ग्रेटर नोएडा के डीएससी (दादरी-सूरजपुर-छलेरा) मार्ग पर तिलपता गोलचक्कर से लगभग 500 मीटर पहले, सूरजपुर की ओर से शुरू होकर दादरी रेलवे ओवरब्रिज के पास जाकर जुड़ेगा। इस नए मार्ग से ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ दादरी नगर, जीटी रोड-91 और आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। करीब 5 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड रोड को कम से कम 6 लेन का बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को आसानी से संभाला जा सके। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा के तिलपता क्षेत्र में मौजूदा सड़क को चौड़ा करना प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। करीब एक साल पहले टेंडर जारी होने के बावजूद नाली और सड़क चौड़ीकरण का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। मुख्य वजह सड़क किनारे बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण और स्थानीय विरोध को माना जा रहा है। कई बार कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। हाल ही में काम शुरू कराने पहुंचे प्राधिकरण कर्मचारियों पर कुछ लोगों ने हमला भी कर दिया था, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। आने वाले महीनों में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही 130 मीटर चौड़ी सड़क पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ऊपर बने फ्लाईओवर के चालू होने से ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच ट्रैफिक और अधिक बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में तिलपता गोलचक्कर सबसे बड़ा ट्रैफिक हॉटस्पॉट बन सकता है। इसी वजह से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस एलिवेटेड रोड परियोजना को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि भविष्य में जाम की गंभीर समस्या से बचा जा सके। Greater Noida News
परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर के अनुसार, शुरुआती सर्वे में यह स्पष्ट हो चुका है कि ग्रेटर नोएडा के तिलपता क्षेत्र में सबसे ज्यादा जाम की समस्या बनी रहती है। अब फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी, जिसके आधार पर डीपीआर बनाई जाएगी। इसके बाद परियोजना की लागत, डिजाइन, निर्माण समय और अन्य तकनीकी पहलुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। Greater Noida News
चूंकि एलिवेटेड रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने और फिर निर्माण पूरा होने में लंबा समय लग सकता है, इसलिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण फिलहाल कुछ अस्थायी ट्रैफिक उपायों पर भी काम कर रहा है। तिलपता के पास 130 मीटर चौड़ी सड़क पर नए यू-टर्न बनाए जाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि जब तक एलिवेटेड रोड तैयार नहीं होती, तब तक ऐसे छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद कर सकते हैं। Greater Noida News
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