Greater Noida News : नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के इन प्रोजेक्टों में करीब 21,000 करोड़ रुपये की लागत से 1.10 लाख फ्लैट तैयार होंगे। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) में पिछले वर्ष गौतमबुद्ध नगर के 51 वें प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराया गया। पंजीकरण के मुताबिक सभी फ्लैट तैयार किए जाने हैं। पिछले पांच वर्ष में एनसीआर में कुल 8 नए प्रोजेक्टों में काम शुरू हुआ है। जिनमें कुल मिलाकर 1,60,490 फ्लैट बनाए जाने हैं। इनमें से 20 प्रतिशत फ्लैट गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में बनेंगे।
फ्लैट की संख्या एनसीआर के प्रोजेक्टों में ज्यादा
आवासीय या कमर्शियल प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए बिल्डरों को उसका पंजीकरण यूपी रेरा में कराना पड़ता है। पिछले वर्ष यूपी रेरा में कुल 259 प्रोजेक्टों का पंजीकरण कराया गया, इनमें 2.70 लाख फ्लैट बनेंगे। जिनकी लागत करीब 45,000 करोड़ रुपये होगी। ज्यादातर नए प्रोजेक्ट इस बार एनसीआर से बाहर के जिलों में बन रहे हैं। हालांकि फ्लैट की संख्या एनसीआर के प्रोजेक्टों में ज्यादा हैं। एनसीआर में फ्लैट की जरूरत और लोगों में उन्हें खरीदने की कैपीसिटी दोनों ही ज्यादा है, इसी कारण यहां फ्लैटों की संख्या भी अधिक है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदने का क्रेज बहुत ज्यादा है।
सबसे अधिक प्रोजेक्ट लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में
इनमें सबसे अधिक प्रोजेक्ट लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में हैं। लखनऊ में 61 और गौतमबुद्ध नगर में 51 प्रोजेक्टों का पंजीकरण कराया गया। लखनऊ के प्रोजेक्टों में जहां 6,140 करोड़ की लागत से 54,000 फ्लैट बनेंगे। वहीं गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी प्रोजेक्ट्रो में 21,000 करोड़ की लागत से 1.10 लाख फ्लैटों का निर्माण होगा। जिले के प्रोजेक्टों का कुल क्षेत्रफल 13.50 लाख वर्गमीटर है।
संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन यूपी रेरा ने बताया कि छानबीन के बाद ही प्रोजेक्टों का पंजीकरण किया गया है। यहां खरीदारों को निवेश करने में जोखिम नहीं होगा। इससे खरीदारों का विश्वास बढ़ा है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को गति मिल रही है। छोटे शहरों में भी घर खरीदारों की रुचि बढ़ी है। प्रदेश के बाकी हिस्सों की अपेक्षा एनसीआर में महंगे घरों की मांग है।
गौतमबुद्ध नगर में ज्यादा बन रहे फ्लैट
यूपी रेरा के अधिकारियों का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में बनाए जाने वाले प्रोजेक्टों की ऊंचाई ज्यादा है। इस कारण वहां पर फ्लैट ज्यादा बन रहे हैं। लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के बाद गाजियाबाद में सबसे अधिक प्रोजेक्ट व फ्लैट बनाने के लिए पंजीकरण कराया गया है। यहां फ्लैटों की मांग भी बहुत ज्यादा है इस कारण भी फ्लैट ज्यादा बनाए जा रहे हैं। हालांकि अब छोटे शहरों में भी घर खरीदारों की रुचि बढ़ी है। Greater Noida News