
Greater Noida News : उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “OPERATION CONVICTION” अभियान के तहत नोएडा कमिश्नरेट पुलिस द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के चलते एक और दरिंदे को नोएडा (गौतमबुद्धनगर) कोर्ट ने दस साल की कारावास और 80,000 के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। जुर्माना अदा न करने पर 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस केस में आरोपित बनाए गए दो डाक्टरों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है।
इंटर की छात्रा से रेप का यह मामला वर्ष 2016 का है, जिसकी सुनवाई अतिरिक्त सेशन जज पॉक्सो एक्ट प्रथम विकास नागर की अदालत में हो रहा था। जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा की बादलपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव में रहने वाले एक किसान की नाबालिग बेटी वर्ष 2016 में 12वीं की छात्रा थी। वह गाजियाबाद में ब्यूटी पार्लर का कोर्स सीखने के लिए जाती थी। 16 जून 2016 को छात्रा घर से ब्यूटी पार्लर जाने के लिए निकली थी। जब वह शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना देकर केस दर्ज कराया। मामले में पाक्सो एक्ट और अपहरण का केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की।
पीड़िता को बरामद कर पुलिस ने तीन आरोपित राहुल चौधरी पुत्र पुत्र ओमकार सिंह निवासी ग्राम दुरियाई, डॉक्टर रविंद्र और विषु को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण होने के बाद केस में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कुल 27 गवाहों की गवाही के बाद कोर्ट ने राहुल को दोषी माना, जबकि अन्य दोनों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अर्थदंड नहीं देने पर राहुल को छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।