
Greater Noida News : पेड़ पौधों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा जहां समय समय पर अभियान चलाए जाते हैं, वहीं फल और छाया न देने वाले या थोड़ी सी परेशानी होने पर लोग पेड़ को काट देते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तो यदि किसी पेड़ से परेशानी होती है उसे तुरंत ही कटवा देते हैं। लेकिन यहां एक 200 साल पुराने पेड़ को लेकर रोचक मामला सामने आया है। असल में, ग्रेटर नोएडा के एक गांव में एक 200 साल पुराने पेड़ ने करीब बीस परिवारों का रास्ता रोक रखा है, लेकिन इसके बावजूद यह परिवार इस पेड़ का भरण पोषण कर रहे हैं।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अमरपुरा नामक एक प्राचीन गांव है। ग्रामीण इस गांव में स्थित एक 200 साल पुराने पीपल के पेड़ को अमर करने के प्रयास में लगे हुए हैं। ग्रेटर नोएडा के गांव अमरपुर की आबादी 5 हजार से अधिक है। गांव में 200 वर्ष से अधिक पुराना पीपल का पेड़ है। गांव के लोगों का दावा है कि यह वृक्ष गांव बसने से पहले का है। यह पेड़ जितना अधिक पुराना है उतना ही अनूठा इसके संरक्षण के पीछे का ग्रामीणों का भाव है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस वृक्ष के नीचे बैठकर उनका समय गुजरा है। इससे पूरे गांव के लोगों की यादें जुड़ी हैं। गांव निवासी सतीश आर्य ने बताया कि उनका परिवार इस वृक्ष का संरक्षण कर रहा है। उनका घर इस गली के आखिरी छोर पर पड़ता है। उनका दो पहिया या चार पहिया वाहन उनके घर तक नहीं पहुंच पाता।
वह कहते हैं यह वृक्ष बहुत प्राचीन है और गांव की वायु को शुद्ध कर रहा है। ऐसे में अब हम इसको कैसे काट सकते हैं। समाजसेवी आर्य सागर खारी का कहना है कि इस वृक्ष की वन विभाग को जांच करनी चाहिए कि इसकी उम्र कितनी है और संरक्षण भी करना चाहिए।