
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में करीब एक सप्ताह पूर्व हुए सड़क हादसे में एक एक करके परिवार के आठ लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भयावह सड़क हादसे में अंतिम घायल आठ वर्षीय बालक आयुष ने भी गुरुवार को दम तोड़ दिया है। उधर, एक सप्ताह से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस हादसे के जिम्मेदार अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता नहीं लगा सकी है।
आपको बता दें कि विगत 20 अक्टूबर की देर रात ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया था। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। दिल्ली निवासी बिजेंद्र बैठा नामक शख्स की मौत की खबर के बाद उनके रिश्तेदार 20 अक्टूबर को झारखंड जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर जीरो प्वाइंट से 25 किमी पर रबूपुरा क्षेत्र में फलैदा कट के पास उनकी ईको कार किसी वाहन से टकरा गई थी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इस हादसे में ईको में सवार बिजेंद्र उनकी पत्नी कांति देवी, बेटी ज्योति, बड़े भाई रामप्रीत और दोस्त सुरेश की मौके पर मौत हो गई। जबकि बुरी तरह घायल बिजेंद्र के बेटे 8 वर्षीय बेटे आयुष, 10 वर्षीय आर्यन और 16 वर्षीय भतीजे सूरज को जेवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से तीनों घायलों को दिल्ली रेफर किया गया। जहां पहले आर्यन, फिर सूरज और इसके बाद गुरुवार को आयुष ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे के दौरान ईको की रफ्तार 119 किमी. थी। हालांकि हादसे का कारण डिवाइडर के करीब ओवरटेकिंग लाइन में धीमी रफ्तार से चल रहे या खड़े वाहन को माना जा रहा है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह वाहन ओवरटेकिंग लाइन क्यों था। ईको कार जिस वाहन में टकराई उसके अंदर घुस गई। इसके बावजूद चालक वहां से वाहन लेकर भागने में कामयाब हो गया। पुलिस अब तक इस वाहन की पहचान नहीं कर पाई है। क्षतिग्रस्त कार के तकनीकी मुआयने के बावजूद हादसे का ठोस कारण पता नहीं चल पाया है।