
Greater Noida News :ग्रेटर नोएडा की सूरत बदलने के लिए जहां सीईओ स्वयं सड़कों पर उतर कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है, वहीं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीमा में आने वाले गांवों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। ग्रामीण समस्याओं के बीच रहने के लिए मजबूर हैं। ग्रेटर नोएडा के पाली गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा ना तो गांव में साफ सफाई पर ध्यान दिया जाता है और ना ही गांव की टूटी सड़कों पर। गांव के श्मशान घाट में उचित व्यवस्थाएं नहीं है, जिस कारण ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत करने पर भी प्राधिकरण के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है।
पाली गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। तालाब में गंदगी से बुरा हाल है, तो सड़कें भी टूटी हुई है। साथ ही गांव में बने श्मशान घाट की हालत खराब हो रखी है। बरसात के मौसम में दाह संस्कार करने के लिए भी स्थान नहीं है। बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करने के लिए एक स्थाई छत नहीं है। जिसके कारण निवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्राधिकरण द्वारा गांव के तालाब और सौंदर्यकरण के लिए पैसे दिए जाते हैं लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से गांव का सौंदर्यकरण नहीं हो पाता है। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार खुद ही पैसे खा जाता है। गांव के हाल को देखते हुए प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वहीं तालाब की सफाई ना होने की वजह से बरसात के मौसम में कई किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है।
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पाली गांव के रहने वाले अमित भाटी ने बताया कि उनके खेत तालाब के पास है। तालाब की सफाई नहीं होने की वजह से बरसात के मौसम में पानी ऊपर आ जाता है और खेतों में हो रही फसल को नष्ट कर देता है तालाब की सफाई के लिए कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है वही गांव की सड़कों का भी इसी तरह बुरा हाल है।
मोहित चौधरी ने बताया कि प्राधिकरण के द्वारा गांव में रोजाना 7 सफाई कर्मचारी आते है। जिसके बावजूद भी गांव की नालियों का बुरा हाल हुआ पड़ा है। नालियों की जगह सीसी रोड पर पानी चल रहा है। कई बार शिकायत करने पर भी प्राधिकरण के कर्मचारियों द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है। ग्रामीण ऐसी स्थिति में रहने के लिए मजबूर है। Greater Noida News