ग्रेटर नोएडा का एक गांव बना चर्चा का विषय, सद्दाम बना है कारण
Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 02:02 AM
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 02:02 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का एक गांव तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। ग्रेटर नोएडा शहर से थोडी सी ही दूरी पर स्थित ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का यह गांव सद्दाम के कारण बदनाम होकर चर्चाओं में आ गया है। ग्रेटर नोएडा का यह कौन सा गांव है? ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के इस गांव के सद्दाम की क्या कहानी है। हम यहां विस्तार से बता रहे है। गे्रटर नोएडा में इस गांव की यह कहानी सुनकर आप भी हमारी तरह से ही हैरान हो जाएंगे।
क्या है ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का यह मामला?
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा शहर के पास में ही दनकौर कस्बा स्थापित है। दनकौर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का ऐतिहासिक कस्बा है। दनकौर को महाभारत काल में कौरव तथा पाण्डव के गुरू द्रौणाचार्य ने बसाया था। ग्रेटर नोएडा के दनकौर की बगल में स्थित है गांव अट्टा फतेहपुर। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का यही गांव अट्टा फतेहपुर इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के अट्टा फतेहपुर गांव में रहने वाले सद्दाम नाम के एक कलयुगी पति ने अपनी नवविवाहिता पत्नी को पहाड़ी से नीचे फेंककर मार दिया था। 6 साल पहले हुई नव विवाहिता की हत्या के मामले में मंगलवार को अदालत ने कलयुगी पति सद्दाम को सात साल की सजा सुनाई है। इस सजा की खबर के बाद से ही ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का गांव अट्टा फतेहपुर तथा सद्दाम चर्चा का विषय बना हुआ है।
भाई ने दिलाया मरी हुई बहन को इंसाफ
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से अट्टा फतेहपुर गांव निवासी सद्दाम को नैनीताल अदालत ने नवविवाहिता पत्नी तमन्ना निवासी मंडावली दिल्ली की हत्या के आरोप में 7 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मृतक तमन्ना के भाई आसिफ खान ने करीब 6 साल तक बहन को न्याय दिलाने के लिए हर रोज आरोपी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। आसिफ खान दिल्ली से करीब 350 किमी दूर मुकदमे की पैरवी करने नैनीताल जाता था। इस मुकदमे में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का सद्दाम जेल जाने के करीब 3 माह बाद ही जमानत पर रिहा हो गया था और गांव आकर निजी अस्पताल में नौकरी करने लगा था। मृतका के परिजनों ने बताया कि 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव में मतदान करने के बाद सद्दाम नैनीताल के लिए निकल गया था। उसे कतई उम्मीद नहीं थी कि उसे अदालत से सजा हो सकेगी। चूंकि उसने तो पूरी घटना को हादसा बताते हुए फर्जी साक्ष्य तैयार कर लिए थे और अदालत को गुमराह कर रहा था। मगर जब अदालत में तारीख पर पहुंचा तो सजा सुनते ही वह बेदम हो गया और कठघरे में नीचे बैठ गया। सजा सुनाने के तुरंत बाद पुलिस ने हत्यारोपी सद्दाम को अदालत से ही गिरफ्तार कर लिया था।
गौरतलब है कि 19 नवंबर 2017 को सद्दाम की शादी दिल्ली निवासी तमन्ना से हुई थी। शादी के बाद से ही वह पत्नी को पसंद नही करता था। कई बार उसे मारपीट कर तलाक देने का भी प्रयास किया गया, लेकिन दोनों परिवार मिलकर समझौता करा देते थे। 15 जनवरी 2018 को सद्दाम योजना के तहत पत्नी को नैनीताल घूमाने के बहाने ले गया। आरोप है कि पत्नी को पहाड़ी से गिराकर हत्या कर दी। घर आने के बाद सद्दाम ने ससुराल व परिवार को हादसा होने का बहाना बनाकर गुमराह करने का प्रयास भी किया। लेकिन मृतका के भाई आशिफ खान ने नैनीताल में हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सात साल की सख्त सजा सुनाई गई। मृतका के भाई का कहना है कि अदालत से उनको न्याय मिला है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।