
Greater Noida News / Greater Noida West : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की विभिन्न सोसायटी में फ्लैटों की रजिस्ट्री कराए जाने की मांग को लेकर पिछले 27 सप्ताह से आंदोलन कर रहे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इन लोगों के लिए बड़ा सवाल यह है कि बिल्डरों के पास की सजा घर खरीदारों को क्यों दी जा रही है। मुख्यमंत्री के समक्ष समस्या रखने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटी में रहने वाले लोगों से बिल्डरों ने पूरा पैसा तो ले लिया है, लेकिन कई वर्ष गुजर जाने के बाद भी उनकी रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है। रजिस्ट्री न होने के कारण फ्लैट खरीदारों को मालिकाना हक नहीं मिल सका है। मालिकाना हक पाने के लिए लोग 27 सप्ताह से आंदोलन करते आ रहे हैं। रविवार को भी उनका प्रदर्शन जारी रहा। घर खरीदारों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। वहीं अमिताभ कांत कमेटी के सामने भी घर खरीदारों ने समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव रखे थे। घर खरीदारों का कहना है कि जब किसानों की समस्या और दूसरी सभी समस्याओं का समाधान सरकार कर सकती है तो घर खरीदारों की समस्याओं की अनदेखी क्यों की जा रही है?
आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे महेश यादव, दीपांकर और रोहित मिश्रा ने कहा कि लगातार वक्त बीता जा रहा है, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो रही है। इस वजह से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। उनका कहना है कि सरकार इसको लेकर नीति बनाने में देरी क्यों कर रही है।
हर रविवार विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले पुरुषोत्तम और शशि भूषण ने कहा कि घरों का इंतजार करते करते थक गए हैं। चुनाव के वक्त नेता वादे कर वोट ले जाते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं। अलग-अलग सोसायटी के घर खरीदारों ने जोर देकर कहा है कि आंदोलन जारी रहेगा, जब तक सरकार मांगें नहीं मान लेती हैं।