ICICI बैंक में बड़ा घोटाला, 'लोन दिलाएंगे' कहकर डकारे 4 करोड़
भारत
चेतना मंच
16 Jul 2025 01:07 PM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उद्यमी को 10 करोड़ रुपए का लोन दिला कर कमीशन के नाम पर 4 करोड रुपए हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित उद्यमी ने इस संबंध में ICICI Bank के रीजनल मैनेजर सहित 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा न्यायालय के निर्देश के बाद थाना एक्सप्रेसवे में दर्ज किया गया।
10 करोड़ लोन दिलाने की लालच
नोएडा के सेक्टर-129 स्थित मैसेज ओसीफाई इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर संदीप कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि, उसकी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का कार्य करती है। उसने अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए वर्ष 2021 में लोन एजेंट सलमान से संपर्क किया तथा उसे 10 करोड़ रुपए लोन दिलाने की बात की। लोन एजेंट ने उसे दिल्ली निवासी आशीष गोगिया से मिलवाया। लोन एजेंट सलमान और आशीष गोगिया ने उसे नोएडा के सेक्टर-18 स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा की कर्मचारी प्रियंका अग्रवाल व रीजनल मैनेजर संतोष सिंह से मिलवाया और उन्हें लोन के बारे में बताया।
मैनेजर और बैंककर्मी का बड़ा हाथ
प्रियंका अग्रवाल व रीजनल मैनेजर ने बताया कि 10 करोड़ रुपए का लोन देने के लिए वह आवेदक की इतनी ही धनराशि की प्रॉपर्टी को मॉर्गेज करते हैं और उसके बाद ही लोन देते हैं। उसने जब बताया कि उसके पास इतनी कीमत की प्रॉपर्टी नहीं है तो रीजनल मैनेजर और बैंककर्मी ने कहा कि वह इसका इंतजाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि उसे एक व्यक्ति को अपने कंपनी में डायरेक्टर बनना होगा। उक्त व्यक्ति तथा उसकी प्रॉपर्टी को संयुक्त कर उस पर बैंक द्वारा लोन कर दिया जाएगा। लोन में से 30 प्रतिशत की धनराशि उक्त व्यक्ति को देनी होगी। पैसों की जरूरत होने के कारण उसने बैंक के रीजनल मैनेजर व बैंककर्मी की बात मान ली। इसके बाद उन्होंने उसे अनिल शर्मा साउथ पटेल नगर दिल्ली निवासी से मिलवाया।
प्लॉट गिरवी रखकर लिया 10 करोड़ का लोन
पीड़ित के मुताबिक उसने अनिल शर्मा को अपनी कंपनी में डायरेक्ट बना दिया और उसके 300 वर्ग गज के प्लाट व अपने प्लॉट को बैंक में गिरवी रखकर 10 करोड़ रुपए का लोन ले लिया। संदीप कुमार के मुताबिक लोन होने के बाद उक्त सभी लोगों ने उससे कमीशन के रूप में चार करोड रुपए ले लिए। कुछ समय बाद प्रियंका अग्रवाल व रीजनल मैनेजर संतोष सिंह ने उसे दिए गए लोन के ब्याज में अत्यधिक वृद्धि कर दी तथा 2024 में उसके लोन को रिन्यू करने से मना कर दिया। फरवरी 2024 में उसे बिना कोई नोटिस दिए व कारण बताए बैंक ने लोन एनपीए घोषित कर दिया।
दस्तावेज निकले फर्जी
उसने बैंक जाकर जब लीगल अधिकारी से जानकारी की तो उसे पता चला कि जिस प्रॉपर्टी को आधार बनाकर उसे लोन दिया गया था उसमें अनिल शर्मा द्वारा दिए गए दस्तावेज फर्जी हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उक्त सभी लोगों ने एक षड्यंत्र रचकर प्रॉपर्टी के कूट रचित दस्तावेज बनाकर लोन दिलाने के नाम पर उससे 4 करोड रुपए हड़प लिए हैं। उसने इस संबंध में थाना एक्सप्रेसवे में शिकायत दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की गुहार लगाई।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद अनिल शर्मा, आशीष जोगिया, आइसीआइसीआइ बैंक के रीजनल मैनेजर संतोष सिंह, श्रीमती प्रियंका अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर व लोन एजेंट सलमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के निर्देश दिए।