
ग्रेटर नोएडा न्यूज : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स अस्पताल) में एक मृतक वृद्ध के शव को 17 दिन तक फ्रीजर में रखने के मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। यह मामला अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच गया है और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को भी निर्देश दिए हैं कि वह अपने स्तर से इस मामले की उच्चरीय जांच कराएं।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईटा 1 निवासी 70 वर्षीय सोहन पाल को ब्रेन हैमरेज होने पर दो माह पूर्व जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर 23 सितंबर 2023 को सोहन पाल की मौत हो गई थी। आरोप है कि सोहन लाल की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव को फ्रीजर में रखवा दिया और मृतक के परिजनों को उसकी मौत की सूचना नहीं दी गई। अस्पताल प्रशासन ने यह भी जानकारी जुटाने का प्रयास नहीं किया कि मृतक के परिजन कौन हैं और कहां रहते हैं। सोहन पाल का शव पूरे 17 दिन तक फ्रीजर में रखा रहा। 17 दिन बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थानीय थाना पुलिस को सोहन पाल का डेथ मेमो भेजा गया तो 17 दिन पहले हुई मौत की जानकारी पाकर पुलिस भी चौंका गई।
आपको बता दें कि चेतना मंच डॉट कॉम ने इस मामले का खुलासा किया था। जिम्स प्रशासन 17 दिन तक शव को फ्रीजर रखे जाने के स्पष्ट कारण नहीं बता सका। उस समय केवल यही कहा गया था कि भूलवश शव 17 दिन तक फ्रीजर में पड़ा रहा। अब मामला मीड़िया में सुर्खियों में आने के बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले को बेहद ही गंभीरता से लिया। डिप्टी सीएम ने प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद यह तय है कि इस मामले में जिन कर्मचारियों और डाक्टरों ने लापरवाही बरती है, उन पर शासन की गाज गिरना तय है।