ग्रेटर नोएडा में पेरिफेरल रोड का निर्माण तय, बोड़ाकी ट्रांसपोर्ट हब की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 06:34 AM
Greater Noida News : दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के तहत ग्रेटर नोएडा में बन रहे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को अब बेहतर सड़क संपर्क मिलने जा रहा है। इसके लिए 60 मीटर चौड़ी पेरिफेरल रोड का निर्माण किया जा रहा है, जो हब को ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर चौड़ी प्रमुख सड़क से जोड़ेगी। इससे न केवल हब तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों को भी फायदा मिलेगा।
सड़क संपर्क को मिलेगा नया आयाम
प्रस्तावित पेरिफेरल रोड की कुल लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर होगी। इसका एक हिस्सा जुनपत पुलिस चौकी से थापखेड़ा गोलचक्कर तक जाएगा, जिसकी लंबाई लगभग 1.5 किलोमीटर है। इस खंड का कार्य शीघ्र आरंभ होने वाला है। दूसरे हिस्से में पाली रेलवे ओवरब्रिज से थापखेड़ा तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पहले से चल रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा सड़क निर्माण के लिए लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है, जो सितंबर 2025 तक पूरी हो जाने की संभावना है।
ट्रांसपोर्ट हब और रेलवे स्टेशन की तैयारी
बोड़ाकी गांव के पास 358 एकड़ भूमि पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का निर्माण प्रस्तावित है, जहां ग्रेटर नोएडा का मुख्य रेलवे स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। इस हब को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की रीढ़ के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीद है कि इस हब से भारी मालवाहक ट्रेनों और यात्री रेल सेवाओं दोनों का संचालन होगा।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में होगा सुधार
ग्रेटर नोएडा में 105 मीटर और 130 मीटर चौड़ी दो प्रमुख सड़कें प्राधिकरण कार्यालय के पास जैतपुर वैशपुर गोलचक्कर पर एक-दूसरे को क्रॉस करती हैं। इनमें से 130 मीटर चौड़ी सड़क का विस्तार यमुना प्राधिकरण क्षेत्र तक प्रस्तावित है, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) और यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करेगा। ए.के. सिंह, महाप्रबंधक (परियोजना), ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि सड़क के एक हिस्से पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष हिस्से के लिए निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सितंबर तक काम शुरू हो जाएगा। परियोजना के बाद बोड़ाकी ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं रहेगी। इससे जुनपत, थापखेड़ा व आसपास के गांवों को बेहतर आवागमन मिलेगा। औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। डीएमआईसी जोन में निवेश आकर्षण को बल मिलेगा।