
Greater Noida (चेतना मंच)। व्यापार में घाटा होने पर कर्ज में डूबे व्यवसाई ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वहीं जल विभाग के एक पंप ऑपरेटर व एक अन्य युवक ने भी फांसी लगाकर जान दे दी।
मूल रूप से बिहार निवासी 40 वर्षीय कर्मवीर पुत्र जवाहर निवासी सूर्य हाइट्स सोसाइटी चिपियाना बुजुर्ग अपने परिवार सहित रह रहे थे। कर्मवीर ने कुछ समय पूर्व पार्टनरशिप में सूरजपुर के औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक का सामान बनाने की एक फैक्ट्री डाली थी। वह मिंडा कंपनी मानसरोवर में भी कार्य करते थे। इस फैक्ट्री में लगातार घाटा होने के कारण कर्मवीर सिंह आर्थिक रूप से परेशान हो गया था और उस पर कई लोगों का कर्ज हो गया था।
लेनदार उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे थे जिसको लेकर वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। बीती रात्रि परिजन खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। आज सुबह परिजन जब उठे तो उन्हें कर्मवीर सिंह अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। कर्मवीर ने प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। कर्मवीर के साथ उसकी पत्नी, दो बच्चे, बड़े साले की पत्नी व छोटा साला भी रहते थे।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची थाना बिसरख पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कर्मवीर के पास से एक सोसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कर्ज के कारण आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आ रहा है।
थाना फेस-2 क्षेत्र के सेक्टर-82 की पानी की टंकी पर तैनात पंप ऑपरेटर जयप्रकाश पुत्र तेजपाल ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। जयप्रकाश मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला था और जल विभाग में संविदा पर पंप ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। वहीं थाना बदलपुर क्षेत्र के छपरौला गांव में किराये पर रहने वाले बिहार निवासी अमरेश पाठक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अमरेश पाठक पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। Greater Noida News