
प्रवीण ने 51,000 रुपये टोकन मनी के रूप में अंकुश शर्मा के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।इसके बाद उसने 5 लाख रुपये और फिर 2 लाख रुपये 14 मार्च 2024 को अंकुश के खाते में ट्रांसफर किए। इस ट्रांजेक्शन के बाद दोनों ने एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। बीते 27 अप्रैल को ट्रांसफर ऑफ मेंबरशिप (टीएम) प्रोसेस शुरू हुआ और 10 मई को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से टीएम लैटर प्राप्त हो गया। इसके बाद अंकुश कनाडा चला गया, जिसके कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जुलाई के पहले सप्ताह में जब अंकुश कनाडा से वापस आया तो उसने अपने फ्लैट की कीमत में 20 लाख रुपये की वृद्धि की मांग की, जिसे प्रवीण ने अस्वीकार कर दिया। अंकुश बार-बार पैसों की मांग करता रहा, जिससे प्रवीण परेशान हो गया। बीते 5 अगस्त 2024 को प्रवीण और संचित साथ में अंकुश के ऑफिस गए। वहां प्रवीण ने 11 लाख रुपये देने के लिए सहमति व्यक्त की। हालांकि, प्रवीण के पास इस राशि को देने के लिए पैसे नहीं थे। उसके बाद 9 अगस्त 2024 को प्रवीण ने अंकुश को फोन कर 11 लाख रुपये देने के बहाने उसके ऑफिस पर बुलाया। प्रवीण ने अपनी गाड़ी की सीट के नीचे एक हथौड़ा छिपाकर रखा और अंकुश के आने का इंतजार किया। जब अंकुश आया तो प्रवीण ने उसे अपनी गाड़ी में बैठाया और एक लस्सी में एल्प्रैक्स की गोली मिलाकर उसे पिला दी।
अंकुश लस्सी पीकर बेहोश हो गया और प्रवीण उसे सूरजपुर स्थित एसकेए सोसाइटी की पार्किंग में ले गया। वहां पर उसने अंकुश के सिर पर हथौड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद प्रवीण ने अंकुश के मोबाइल फोन से उसके वकील और अंकित को पैसे मिलने के साथ डाक्यूमेंट्स तैयार करने का संदेश भेजा, जिससे किसी को उस पर शक न हो। इसके बाद उसने अंकुश की डेड बॉडी को शारदा गोल चक्कर के पास टी-सीरीज की जमीन के सामने झाड़ियों में छिपा दिया और गाड़ी को धुलवाने के लिए जैतपुर ले गया। यह पूरा हत्याकांड फिल्म स्टार अक्षय खन्ना तरह तब्बू की फिल्म दृश्यम को देखकर सोच समझकर प्लान किया गया था। Greater Noida News