Greater Noida News: यह पहला औद्योगिक सेक्टर है जहां फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों से नियमित रूप से कूड़ा उठाने की सुविधा दी जा रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस क्षेत्र को आदर्श औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित करना है ताकि यहां काम करने वाले उद्यमियों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों को अब पहले से ज्यादा साफ, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उद्योग विहार एक्सटेंशन, ईकोटेक-2 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू कर दी है। यह पहला औद्योगिक सेक्टर है जहां फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों से नियमित रूप से कूड़ा उठाने की सुविधा दी जा रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस क्षेत्र को आदर्श औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित करना है ताकि यहां काम करने वाले उद्यमियों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नई व्यवस्था के तहत औद्योगिक इकाइयों से अब नियमित रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जाएगा। इससे फैक्ट्रियों के आसपास गंदगी कम होगी और पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई बेहतर होगी। प्राधिकरण का कहना है कि इस मॉडल की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से ग्रेटर नोएडा के अन्य औद्योगिक सेक्टरों में भी लागू किया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों में इस सुविधा की शुरुआत उद्यमियों की मांग के बाद की गई है। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन. जी. रवि कुमार के सामने औद्योगिक क्षेत्रों में भी आवासीय सेक्टरों जैसी सफाई व्यवस्था और दूसरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा था। इस सुझाव पर तुरंत कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण ने सर्वे कराकर योजना को लागू करने का निर्णय लिया।
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प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने उद्योग विहार एक्सटेंशन का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, ड्रेनेज और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर सफाई और ड्रेनेज से जुड़े जरूरी कार्यों में तेजी लाई जाएगी। इससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र की व्यवस्था पहले से बेहतर होगी।
प्राधिकरण इससे पहले ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू कर चुका है। अब उद्योग विहार एक्सटेंशन को इस अभियान का अगला चरण बनाया गया है। आने वाले समय में दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसी मॉडल पर विकसित करने की योजना है।
सिर्फ सफाई व्यवस्था ही नहीं बल्कि उद्योग विहार एक्सटेंशन में सड़क सुधार, अतिक्रमण हटाने, पौधरोपण, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, स्ट्रीट लाइट लगाने, श्रमिक सुविधा केंद्र और सार्वजनिक शौचालय जैसी कई सुविधाओं पर भी काम किया जाएगा। प्राधिकरण का उद्देश्य इस क्षेत्र को ऐसा औद्योगिक हब बनाना है जहां उद्योगों के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए भी बेहतर माहौल उपलब्ध हो।
इस पहल के बाद इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उद्यमियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन. जी. रवि कुमार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. और पूरी टीम की सराहना की। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं बेहतर होने से उद्योगों को फायदा मिलेगा और निवेश के लिए भी बेहतर माहौल तैयार होगा।
ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन जैसी सुविधाएं न केवल स्वच्छता बढ़ाएंगी, बल्कि उद्योगों के संचालन को भी अधिक व्यवस्थित बनाएंगी। इससे ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक क्षेत्र आने वाले समय में और अधिक आकर्षक तथा सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।
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