इंजीनियरिंग कर पत्नी के नाम पर खोल दी अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
08 Apr 2024 09:37 PM
Greater Noida News : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर में ग्रेटर नोएडा पुलिस को चेकिंग के दौरान एक बड़ी सफलता मिली है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध हथियारों की फैक्ट्री सिफ्ट कर रहे चार आरोपियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
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दरअसल लोकसभा चुनाव को लेकर की जा रही ताबड़तोड़ चेकिंग के डर से गाजियाबाद में चल रही हथियार बनाने की फैक्ट्री को हथियार तस्कर बुलंदशहर शिफ्ट कर रहे थे। लेकिन चेकिंग के दौरान ग्रेटर नोएडा पुलिस चार आरोपियों को दबोच लिया है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से देसी पिस्टल सहित तमंचे और अवैध हथियार बनाने के पुर्जे बरामद किए हैं। बता दे कि इन आरोपियों को एसटीएफ पहले भी हथियार बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था।
चेकिंग के दौरान मिली सफलता
ग्रेटर नोएडा सेंट्रल जोन के डीसीपी ने बताया कि थाना ईकोटेक 3 प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शुक्ला खेड़ा चौहानपुर गोल चक्कर पर बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान बिसरख चार मूर्ति की तरफ से आ रही एक बगैर नंबर की ब्रेजा कर को जांच के लिए रुकने का इशारा किया। कर सवार ने रुकने के बजाय कर को वापस मोड़ कर भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस टीम ने कर सवार 4 लोगो को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी पिस्तौल और 9 तमंचे बरामद हुए। कार की तलाशी लेने पर उसमें से भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने के उपकरण और कलपुर्जे बरामद हुए।
इंजीनियर समेत चार गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने नाम शाहफहद, बादल, शिवम पाल और सादिक बताया। आरोपियों के पास से तमंचे बनाने में प्रयुक्त होने वाले स्लाइड लॉक, सेफ्टी लॉक, स्लाइड लॉक रिटेनर, ट्रैगर,बर्नियर कैलिबर, माइक्रोमीटर आदि बरामद हुए। पूछताछ में शाह फहद उर्फ़ शानू ने बताया कि उसने एकेजी कॉलेज गाजियाबाद से मैकेनिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। उसने अपनी पत्नी हिना के नाम से गाजियाबाद के मोरटा इंडस्ट्रियल एरिया में लियो पार्ड इंडिया इंडस्टरीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पार्टस बनाने की कंपनी खोली थी। दिखावे के तौर पर कंपनी में खरात का काम किया जाता था। लेकिन यहां मुख्य काम अवैध शस्त्र बनाने का होता था। ग्राहकों की डिमांड पर वह एक या दो दिन के भीतर उसे तमंचा उपलब्ध करा देते थे। शाह फहद ने बताया कि वह पिस्टल 80 हजार और तमंचा 10 हजार में बेचते थे। बता दें कि बीते जुलाई माह में उत्तर प्रदेश की एसटीएफ टीम ने उसे अवैध शस्त्रों एवं कल पुरुषों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसने अपनी फैक्ट्री का नाम बदल दिया और उसे अपनी पत्नी के नाम रजिस्टर्ड कर दिया। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस की धरपकड़ और चेकिंग तेज हो गई है। इसलिए वह अपनी फैक्ट्री को अपने मूल निवास बुलंदशहर स्थापित करने की फिराक में था। अवैध शस्त्रों के उपकरणों और निर्मित हथियारों को लेकर वह अपनी ब्रेजा कर से कंपनी के कर्मचारियों के साथ बुलंदशहर जा रहा था।
कोड बताने पर बेचते थे हथियार
डीसीपी ने बताया कि आरोपी अवैध हथियार बेचने में भी खासी सावधानी बरतते थे। यह केवल उन लोगों को हथियार बेचते थे जो पहले से ही परिचित होते थे। अवैध हथियार खरीदने आए व्यक्ति द्वारा कोड बताने पर ही उसे हथियार बेचा जाता था। पकड़े गए आरोपी बादल ने बताया कि वह पिछले 2 साल से शाहफहद को जानता है। उसका काम बताए गए स्थानों पर अवैध हथियारों को पहुंचाना था। डीसीपी ने बताया कि पूर्व में एसटीएफ की टीम ने शाहफहद, शिवम पाल और सादिक को अवैध हथियार की फैक्ट्री चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद आरोपी फिर से अवैध हथियारों के निर्माण में उन्हें बेचने के काम में जुट गए थे।