
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नकली नोटों के कारोबार का एक बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। ग्रेटर नोएडा की दनकौर कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का राजफाश किया है, जो एनजीओर और कंपनियों को चंदा व दान के नाम पर ठगी करता था। इस गिरोह के सदस्य नोटों की गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट लगा देते थे, जबकि गड्डी के बीच में नकली नोट लगाकर लोगों को थमा देते थे। ग्रेटर नोएडा की दनकौर पुलिस ने इनके कब्जे से 8 लोहे के बक्सों में भरे 2,34,500 नकद, 8 करोड़ 30 लाख की कागज की गड्डी एक लैपटाप, नोट गिनने की मशीन, एक नोट के बंडल बनाने की मशीन बरामद की है।
नकली नोटों के कारोबार से जुड़े तीन आरोपी दिल्ली की जेजे कालोनी निवासी विशाल चौहान, अशोक विहार दिल्ली निवासी मोबिन खान और आगरा निवासी उपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। लखनऊ निवासी गिरोह का सरगना परवेज कुमार उर्फ डीके अभी फरार है।
ग्रेटर नोएडा जोन के एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि रविवार की रात दनकौर थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह की टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग बड़ी रकम लेकर क्षेत्र में घूम रहे हैं और लोगों से संपर्क कर रहे हैं। पुलिस ने सलारपुर अंडरपास के नजदीक दो लोगों को संदेह होने पर बुलाया तो वह पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े आरोपियों की पहचान विशाल व मोबिन के रूप में हुई। आरोपियों की निशानदेही पर उपेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह अपने के गैंग के सरगना डीके के इशारे पर छोटी कंपनियों व एनजीओ को ठगी का शिकार बनाते हैं। आरोपी दस फीसदी असली नोटों का कमीशन लेकर कागज की गड्डी थमाकर फरार हो जाते हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी गूगल पर सर्च करके एनजीओ व छोटी कंपनियों के नाम निकालते और फिर उन्हें कॉल करते हैं। आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठन चलाते हैं। उनका संपर्क बड़ी कंपनी और अमीर लोगों से है, जो एनजीओ में चंदा व दान देकर लोगों की मदद करना चाहते हैं। आरोपी असली नोटों के बीच कागज व फोटो स्टेट वाली गड्डी लगाकर लोहे के बक्सों में मोटी रकम ले जाकर उन्हें दिखाते थे। आरोपी मोटी रकम एनजीओ व कंपनी को देने के नाम पर दस फीसदी कमीशन की मांग करते थे। इसके बाद आरोपी कमीशन लेकर और कागज की गड्डियां थमाकर फरार हो जाते थे।