
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईटेडा गांव के गुंडागर्दी करते हुए पुलिस कर्मियों द्वारा की गई किसान की पिटाई के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने नोएडा पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईटेडा गांव में दिनेश यादव अपने परिवार के साथ रहते हैं। दिनेश यादव 27 सितंबर की रात अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी कुछ पुलिस वाले उनके पास आए और किसी वांछित अपराधी का पता पूछने लगे। जब दिनेश ने जानकारी होने से इनकार किया तो पुलिस वाले भड़क गए। दिनेश यादव ने बताया कि चेरी काउंटी पुलिस चौकी के दरोगा सुमित यादव, मोती दरोगा ने उन्हें बेरहमी से पीटा और नाजायज तरीके से पूरी रात हिरासत में रखा। पिटाई के कारण दिनेश की एक आंख की आधी रोशनी चली गई।
किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नारे लगाते हुए सूरजपुर स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय पर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा पीड़ित को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखने के विरोध में दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर को संबोधित ज्ञापन सोंपा। किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि पुलिस ने असंवेदनशीलता बरतते हुए घायल दिनेश को बिना डाक्टरी जांच के पूरी रात थाने पर रखा और पीटा। दिनेश यादव ने जब अपने डॉक्टरी जांच कराई तो पता चला कि उसकी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई है। अभी दिनेश यादव को केवल आधा ही दिख रहा है।
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी दरोगा और पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जाती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसीपी सुमित शुक्ला ने अवगत कराया की एसीपी रमेश चंद्र पांडे को जांच अधिकारी बनाया गया है और वह कल तक इस संबंध में अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करेंगे। डीसीपी ने अवगत कराया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान मुख्य रूप से धरना प्रदर्शन में प्रशांत भाटी, शिशांत भाटी, अमित भाटी, मोहित भाटी, मोहित यादव, अंकित यादव, मुकुल यादव, गबरी मुखिया, सुरेश यादव सुरेंद्र यादव, बुधपाल यादव, सतबीर यादव, राजे यादव, ब्रह्म सिंह यादव, निरंकार प्रधान, निशांत रावल, सुधीर रावल, केशव रावल, संदीप भाटी, अजय पाल भाटी, एडवोकेट विनोद भाटी, दुष्यंत रोजा जलालपुर, संजय नागर, अशोक नागर, किसान यूनियन अजगर के नरेश चैपरगढ़ हरवीर नागर एवं अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।