ग्रेटर नोएडा में सेना के पूर्व मेजर जनरल के साथ धोखाधड़ी, बिल्डर कंपनी ने दिया धोखा
Noida News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:22 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में हाईराइज सोसायटी बनाने वाले बड़े-बड़े बिल्डर आम नागरिकों के साथ-साथ देश की सेवा कर चुके सेना के बड़े अधिकारियों के साथ भी धोखाधड़ी कर रहे हैं। रियल स्टेट की नामी कंपनी निंबस रीयल्टी पूर्व नाम (आईआईटीएल निंबस ग्रुप) ने सेवानिवृत मेजर जनरल के साथ फ्लैट बेचने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की है। बिल्डर की ठगी का शिकार बने सैन्य अधिकारी की पुलिस में भी कोई सुनवाई नहीं हुई। हारकर उन्होंने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया जिसके बाद उनकी रिपोर्ट थाना बीटा-2 में दर्ज हो पाई।
मेजर जनरल के साथ हुआ धोखाधड़ी
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-1 स्थित एडब्ल्यूएचओ कॉम्प्लेक्स में रहने वाले सेना से रिटायर्ड मेजर जनरल श्योनान सिंह ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि, नींबस रीयल्टी ग्रुप द्वारा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-5 में बहुमंजिला फ्लैट निर्माण व विक्रय का कार्य किया जा रहा है। ग्रुप के डायरेक्टर प्रमोटर विपिन अग्रवाल, साहिल अग्रवाल, राजीव असोपा, ललित अग्रवाल तथा उनके अधिकृत प्रतिनिधि नरेश दत्त शर्मा ने उनके समक्ष फ्लैट खरीदने का प्रस्ताव रखा। इन लोगों ने उन्हें बताया कि, उनके प्रोजेक्ट में 4 बीएचके फ्लैट का निर्माण तेजी से हो रहा है और वह इस फ्लैट को बुक कर सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई के नाम पर जुगाड़ करने लगे ठग
श्योनान सिंह के मुताबिक उन्होंने कंपनी पर भरोसा करते हुए 7 जून 2021 को 470000 का भुगतान करते हुए प्रोजेक्ट में एक फ्लैट अपनी पत्नी परमजीत कौर के नाम पर बुक करा लिया। बुकिंग के दौरान उन्हें फ्लैट पर 3 वर्ष के अंदर कब्जा देने का आश्वासन दिया गया लेकिन 5 वर्षों तक भी प्रोजेक्ट पर कोई निर्माण नहीं हुआ। कब्जा न मिलने पर जब उन्होंने कंपनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा तो कंपनी के डायरेक्टर प्रमोटर ने उन्हें कानूनी कार्रवाई करने से रोकते हुए 4 बीएचके के स्थान पर 3 बीएचके का दूसरा फ्लैट आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। उन्हें आश्वासन दिया गया कि 5 वर्षों की देरी पर जमा राशि पर जो ब्याज बनेगा उसे वह फ्लैट की राशि में समायोजित कर लेंगे।
झूठ बोलकर लिए गए फ्लैट दस्तावेज
इस दौरान उन्होंने कंपनी को 145880 रुपए का भुगतान कर दिया था। कंपनी ने उनकी पत्नी परमजीत कौर को प्रोजेक्ट में एक 3 बीएचके का फ्लैट आवंटित कर दिया और उनसे 4 बीएचके फ्लैट के सभी दस्तावेज झूठ बोलकर ले लिए गए। आरोपियों ने उन्हें दूसरे फ्लैट के कोई भी दस्तावेज नहीं दिए और उनसे ब्याज की धनराशि की मांग की जाने लगी।
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
श्योनान सिंह ने बताया कि फ्लैट के सभी जरूरी दस्तावेज व कब्जा ना दिए जाने के कारण उन्होंने लख्मीचंद भड़ाना को फ्लैट में सह आवंटी बना लिया। कंपनी द्वारा भुगतान लेने के बावजूद भी उन्हें ना तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और ना ही जरूरी दस्तावेज दिए गए। इस दौरान कंपनी ने जालसाजी करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके फ्लैट का क्षेत्रफल को बदलकर उस फ्लैट का बैनामा श्रीमती खुशबू रावल निवासी दिल्ली के नाम कर दिया। इस बात की जानकारी मिलने पर जब उन्होंने कंपनी कर्मचारियों से बातचीत की तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार कर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के मुताबिक उन्होंने थाना बीटा-2 में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद न्यायालय ने थाना बीटा-2 को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।