100 करोड़ का साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो विदेशी सहित नोएडा से तीन शातिर गिरफ्तार
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 07:08 AM
Greater Noida News : दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक साइबर ठग गिरोह को भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है कि ये गिरोह कि भारतीय सिम का प्रयोग कर विदेश में बैठकर भारतीय लोगों से साइबर फ्रॉड करता है। गिरोह में 20 से अधिक भारतीय लोग शामिल है। इस मामले में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 2 विदेशी नागरिकों सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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ठगी का ये गिरोह कंबोडिया में बैठतक भारत में लोगों को फोन करके शेयर बजार में निवेश कराने का लालच देते हैं और उनसे गेमिंग एप डाउन लोड कराकर लिंक भेज देते थे। इस जाल में जो लोग फंस जाते वह जब लिंक खोलते तो मोबाइल पूरी तरह साइबर अपराधियों के हाथ में आ जाता। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें चीन और नेपाल के नागरिक भी शामिल है। आरोपी पिछले एक साल में 100 करोड़ से अधिक रुपयों की ठगी कर चुके है। पुलिस का दावा है कि तीनों आरोपितों को तीन दिन की रिमांड पर लेकर गहरे राज उगलवाए जाएंगे।
2 विदेशी नागरिकों सहित 3 ठग गिरफ्तार
डीसीपी सेंट्रल नोएडा सुनीति ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी मॉल के समीप से चीन के रहने वाले शू यूमिंग, नेपाल के रहने वाले अनिल थापा और ग्रेटर नोएडा के दादरी के रहने वाले विनोद उर्फ अगस्त्या भाटी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान पता चला है कि चीन का रहने वाला आरोपी शू यूमिंग अवैध तरीके से नेपाल के रास्ते भारत आया था। जांच में सामने आया है कि अनिल थापा उसको लेकर भारत आया था। यहां उन लोगों ने एक गिरोह बनाया जिसमें स्थानीय विनोद भाटी को शामिल किया। उसकी मदद से आरोपित फर्जी आइडी पर सिम कार्ड खरीद कर उसको कुरियर के माध्यम से विदेश भेजते थे। कंबोडिया में बैठे आरोपितों के साथी भारतीय लोगों को फोन कर उनके साथ साइबर फ्रॉड करते थे। साइबर फ्रॉड करने के लिए भारत से ही युवाओं को भेजा जाता था। उनको यह कहकर विदेश में नौकरी पर भेजा जाता था कि उनकी विदेश में मोटे पैकेज पर नौकरी लगेगी। वहां जाने के बाद वह ठगी करने में शामिल हो जाते थे।
सिम औऱ डाटा भेजते थे कंबोडिया
आपको बता दें कि ये गिरोह भारतीय सिम को कुरियर के माध्यम से कंबोडिया भेज देते थे। साथ ही ये गिरोह मेल के माध्यम से भारतीय ग्राहकों का डाटा भी भेज रहा था। मोटे पैकेज पर भारतीय युवकों को इंजीनियर, प्रबंधक की नौकरी देने के नाम पर कंबोडिया भेजा जाता था। वह युवक साइबर फ्रॉड में शामिल हो जाते है। भारतीय सिम का प्रयोग कर लोगों को फोन किया जाता था। पीड़ितों से कहा जाता है कि शेयर मार्केट में निवेश और गेमिंग ऐप के जरिये से वह करोड़ों रुपये कमा सकते है। यह कहकर आरोपित पीड़ित को अपने झांसे में लेते है। उनके मोबाइल पर लिंक भेजते है, जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करता है उनके मोबाइल का एक्सेस आरोपितों के पास चला जाता है। फिर आरोपित मोबाइल पर आने वाले ओटीपी का प्रयोग कर साइबर फ्रॉड कर लेते है। ये गिरोह नौकरी के नाम पर गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लोगों को कंबोडिया भेज रहे थे।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह के पकड़े गए लोगों के पास से चार पासपोर्ट, फर्जी आईडी पर लिए गए 531 सिम कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, नौ मोबाइल, 11435 नेपाली करेंसी, दो डालर, पांच दिराम, 150 थाईलैंड करेंसी, पांच युआन करेंसी चाइना, 2100 कंबोडिया करंसी व 94 हजार रुपये भारतीय रुपये के अलावा तीन चेक बुक, एक डायरी, एक नेपाली नागरिका पत्र, एक एयर इंडिया का टिकट, एक शंघाई होंगेकिआओ का बोर्डिंग पास, एक स्टांप मुहर, दस क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए है।