
Greater Noida News : उत्तर प्रदेश के आधुनिक शहर ग्रेटर नोएडा के हालात बेहद गंभीर हैं। ग्रेटर नोएडा एक बार फिर से देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां पर वायु प्रदषण की स्थिति बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार को ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (QI) 298 दर्ज किया गया। एक्यूआई के लिहाज से शहर रेड जोन में पहुंच गया है। अहम है कि बीते दस दिनों में दो से ज्यादा बार ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा है।
रविवार, 1 अक्टूबर से लागू होने वाली ग्रैप की शर्तें दिल्ली के वायु प्रदूषण के आधार पर लागू होंगी। हालांकि गौतमबुद्धनगर जनपद के तीनों प्राधिकरणों, प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने इससे जुड़ी कोई तैयारी नहीं की है। पाबंदियां लागू होने से एक दिन पहले तक सभी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। यूपीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ग्रैप के नियमों का पालन कराएगी।
प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक सड़कों की धूल और निर्माणाधीन साइटों पर नियमों का उल्लंघन ही प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। टूटी सड़कों को बनाने और धूल को साफ करने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में प्राधिकरण को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं लोगों का कहना है कि अगर यहीं हाल रहा तो जल्द ही एक्यूआई रेड जोन और फिर डार्क रेड जोन में पहुंच जाएगा।
यूपीपीसीबी ने प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए हैं। जिनके हिसाब से ग्रेनो वेस्ट वायु प्रदूषित की स्थिति ज्यादा खराब है। शनिवार को यहां का एक्यूआई 374 दर्ज किया गया है। विभाग के मुताबिक निर्माणाधीन साइटों की संख्या अधिक होने के कारण यहां प्रदूषण ज्यादा है। Greater Noida News