ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने फिर भेजा सुपरटेक को नोटिस, जानें क्यों
कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के फ्रंट वाले हिस्से में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बिल्डर ने गेट का निर्माण किया है
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
26 Nov 2025 01:52 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा : सुपरटेक इकोविलेज-1( Supertech Ecovillage 1 ) की परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में बिना नक्शा पास कराए बनाए गए गेट के कारण विवाद का विषय बनी हुई है। कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के फ्रंट वाले हिस्से में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बिल्डर ने गेट का निर्माण किया है। इस गेट का निर्माण कामर्शियल कॉम्प्लेक्स में आने जाने के लिए खोला गया है, जबकि स्वीकृत मानचित्र में यह गेट नहीं दर्शाया गया है। स्वीकृत मानचित्र में कामर्शियल कॉम्प्लेक्स परियोजना बॉउंड्री के अंदर दिखाया गया है और कामर्शियल कॉम्प्लेक्स में आने जाने का रास्ता सोसाइटी के अंदर से ही दर्शाया गया है।
मानचित्र के विपरीत किया गेट का निर्माण
प्राधिकरण के प्लानिंग विभाग के मोबाइल स्क्वाड ने अवैध तरीके से गेट खोलने की शिकायत पर परियोजना का 28 अगस्त को उस स्थान पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में टीम ने पाया कि कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के फ्रंट सेटबैक में अनाधिकृत रूप से गेट का निर्माण किया गया है जो स्वीकृत मानचित्र में नहीं दर्शाया गया है जो कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के भवन विनियमावली का उल्लंघन है।
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दो बार नोटिस के बाद भी प्राधिकरण के आदेश को नहीं मान रहा बिल्डर
उस स्थान पर जाकर निरिक्षण करने के बाद प्राधिकरण ने परियोजना को 28 अगस्त को नोटिस देकर 10 दिन में अनाधिकृत गेट का निर्माण हटाने का निर्देश दिया। आदेश का अनुपालन ना होने पर प्राधिकरण के प्लानिंग विभाग ने पुनः 22 सितम्बर को नोटिस भेजा। 15 दिन में अनाधिकृत गेट का निर्माण हटाने का निर्देश दिया। परन्तु बिल्डर ने फिर से प्राधिकरण के आदेश को नहीं माना। शिकायतकर्ता के फिर से शिकायत के बाद प्राधिकरण ने एक बार फिर अनुस्मारक नोटिस जारी किया है।
सुपरटेक का अवैध निर्माण से काफी पुराना नाता
शिकायतकर्ता का कहना है कि सुपरटेक का अवैध निर्माण से काफी पुराना नाता है। अवैध निर्माण के कारण ही एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गिराए गए थे। सुपरटेक इकोविलेज-1 में बिल्डर ने अवैध गेट खोला हुआ है। बिल्डर ने प्राधिकरण के ग्रीन बेल्ट पर कब्ज़ा कर अवैध गेट खोला हुआ है। जबकि कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के रास्ते का प्रावधान स्वीकृत मानचित्र में सोसाइटी के अंदर से ही है। बिल्डर ने कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए अलग से गेट खोलने का कोई अनुमति नहीं लिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब प्राधिकरण ने अपने जांच में पाया कि गेट अवैध तरीके से बनाया गया है तो इसे बंद करने में प्राधिकरण विलम्ब क्यों कर रहा है। प्राधिकरण गेट ध्वस्त करने के बदले नोटिस का खेल क्यों खेल रहा है।
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