
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर में लगातार तेजी के साथ अवैध बोरिंग किए जा रहे हैं, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने वाला नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा की जा रही बड़ी लापरवाही सामने आई है। गांव मायचा सेक्टर इकोटेक 11 के पास बन रही नई कंपनियों द्वारा अवैध रूप से बोरिंग की जा रही हैं। जिससे आए दिल जलस्तर गिर रहा है।
कंपनियों के आसपास गिरते भूजल और अवैध रूप से हो रही बोरिंग को प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा चेक नहीं किया जा रहा है ना ही कोई अधिकारी मौके पर जाकर जांच करता है। ग्रेटर नोएडा एक्टिव सिटीजन टीम द्वारा पिछले 1 महीने से इन कंपनियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्राधिकरण के अधिकारी आंख बंद कर सो रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हो रहे अवैध बोरिंग से लगातार जल स्तर गिरता जा रहा है। ऐसा लगता है कि जल संरक्षण की जिम्मेदारी सिर्फ आम जनता की है, ग्रेटर नोएडा में लग रही बड़ी कम्पनियों की नहीं। क्योंकि ऐसा लगता है कि पब्लिक के लिए बोर्रिंग करना या सबमर्सिबल लगाना बैन है पर एक कंपनी को 10से 15 बोर्रिंग करने की अनुमति है। कम्पनियों के आसपास के एरिया में तेजी से भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है जिससे ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन कंपनियों द्वारा लगाई अवैध बोरिंग को न कोई कर्मचारी चेक करता है न कोई अधिकारी।
हरेंद्र भाटी ने बताया कि गाव मायचा सेक्टर इकोटेक 11 में जो कंपनियां बन रही है उनके द्वारा 5 इंच का बोरिंग किया जा रहा है। जबकि निर्माण के लिए कासना एसटीपी प्लांट से पानी लेने के लिए कंपनियों को बताया गया है। इसके बावजूद बड़ी कंपनियों के मालिक अवैध रूप से बड़े बोरिंग कर रहे हैं। जिससे पानी का स्तर नीचे गिरता जा रहा है।
यह क्षेत्र वर्क सर्किल 7 के सीनियर मैनेजर आरए गौतम के द्वारा देखा जा रहा है, जबकि विभाग में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से अपने अपने क्षेत्रों में घूमते भी होंगे। इसके बावजूद यह सभी बोरिंग हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि यह बोरिंग वर्क सर्किल 7 के कर्मचारियों की मिलीभगत से कराए जा रहे हैं। उन्होंने सीईओ से निवेदन कर इन कंपनियों पर रोक लगाने की मांग की है। Greater Noida News