ग्रेनो में एनजीटी के आदेश पर डूब क्षेत्र में तोड़े अवैध निर्माण
Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा
चेतना मंच
12 Jul 2025 06:48 PM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में एनजीटी के आदेश पर हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण शुक्रवार को ग्रेनो प्राधिकरण ने तोड़ डाले। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा करीब 30 हजार वर्गमीटर जगह इस कार्रवाई में खाली कराई गई है। हैबतपुर इलाके में नदी किनारे यह निर्माण बिना अनुमति के किए गए थे। कॉलोनाइजर्स ने अवैध रूप से यहां शिवम एंक्लेव कॉलोनी के नाम से प्लॉट काटकर बेच दिए थे।
बुलडोजर लगाकर अवैध निर्माण तोड़े गए
एनजीटी ने डूब क्षेत्र में कार्रवाई के लिए सिंचाई विभाग और ग्रेनो प्राधिकरण को आदेश दिए थे। इसके बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम डूब क्षेत्र पहुंचीं। यहां बुलडोजर लगाकर अवैध निर्माण तोड़े गए। पक्के निमार्णों की संख्या अधिक होने से इनको तोड़ने के लिए पांच बुलडोजर यहां प्राधिकरण को लगाने पड़े। कानून व्यवस्था के लिए पुलिस भी यहां तैनात रही। इस कार्रवाई में एक दर्जन घर और दो दर्जन बाउंड्रीवॉल को तोड़ा गया। सुबह करीब 5.30 बजे से यह कार्रवाई शुरू हुई और तीन घंटे तक चली। इस दौरान महाप्रबंधक एके सिंह और प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर के अलावा बरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार और विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।
बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि ग्राम हैबतपुर के खसरा 209, 210, 211, 212, 213 और 217 की
जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से पूरी जानकारी जरूर लें। एसीईओ सुमित यादव का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में अनुमति या बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डूब क्षेत्र की कॉलोनियों पर कार्रवाई चालू रहेगी। लोगों से भी अपील है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं। यह कॉलोनी हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में आती है। डूब क्षेत्र होने के बावजूद कॉलोनाइजर्स चोरी-छिपे प्लॉटिंग कर रहे थे। शिवम एंक्लेव के नाम से अवैध कॉलोनी यहां बसा दी गई। दूरदराज से रोजगार की तलाश में आने वाले लोगों ने घर की चाहत में अवैध कॉलोनी में सस्ते के लालच में प्लॉट खरीदकर निर्माण कर लिया था। पूर्व में इन लोगों को प्राधिकरण की तरफ से नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को कहा गया था।