
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के जेवर के छोटे से गांव से गोविंदगढ़ से निकले प्रवीण कुमार ने चीन के हांगझोऊ में आयोजित चौथे पैरा एशियाई खेलों में पुरूषों की ऊंची कूद T-64 प्रतियोगिता में 2.02 मीटर की छलांग लगकर स्वर्ण पदक जीता है। प्रवीण ने उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी को पछाड़ कर स्वर्ण पदक हासिल किया। पदक जीतने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में खुशी का महौल है। ग्रामवासी और रिश्तेदार भी प्रवीण के परिजनों को बधाई देने पहुंच रहे हैं।
चीन में पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गांव गोविंदगढ़ में खुशी का माहौल बना हुआ है। इस दौरान प्रवीण कुमार के पिता ने कहा है कि मेरे बेटे ने भारत देश का झंडा विदेश में लहराया है। यह गांव गोविंदगढ़ और ग्रेटर नोएडा के लिए बड़े गर्व की बात है।
जेवर कस्बे से 5 किमी. दूर गांव गोविंदगढ़ के रहने वाले प्रवीण ने प्रज्ञान पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही स्कूल और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी। इन प्रतियोगिताओं में लगातार जीत हासिल करने के बाद 2017 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित 22वें सीबीएसई कलस्टर और उसके बाद नेशनल एथलेटिक्स मीट में 1.84 मीटर की छलांग लगकर प्रवीण ने स्वर्ण पदक जीता।
2018 में प्रवीण कुमार ने खेलो इंडिया के तहत विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। वर्ष 2019 में दुबई में आयोजित सीनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीत के साथ ही प्रवीण कुमार का चयन टोक्यो में होने वाले पैरालंपिक 2020 के लिए हुआ। जहां प्रवीण ने 2.07 मीटर की छलांग लगाकर भारत को रजत पदक जीतकर गांव गोविंदगढ़ और ग्रेटर नोएडा का नाम रोशन किया।
इससे पहले प्रवीण कुमार विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.01 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता था। जिसके बाद प्रवीण ने 2024 में पेरिस में आयोजित पैरालंपिक का टिकट पक्का कर चुके हैं।