
Greater Noida News : आखिरकार बुलंदशहर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के लिए ग्रेटर नोएडा में टाउनशिप बसाने का रास्ता साफ हो गया। साथ ही टाउनशिप बसाने के लिए जमीन के मुआवजे की दर भी तय कर दी गई है। हालांकि यह दर बीडीए की ओर से प्रस्तावित मुआवजे की दर से कम है, जिसे लेकर अब किसानों के साथ टकराव की आशंका भी बढ़ने लगी है। बीडीए द्वारा प्रस्तावित मुआवजे की दर पर किसान पहले ही सहमति जता चुके थे।
माना जा रहा है कि मुआवजे की दर तय करने के दौरान किसानों के साथ टकराव का डर भी अधिकारियों को सता रहा था। फिर भी इस दर को बीडीए के 5,100 रुपए प्रति वर्गमीटर के प्रस्तावित दर से घटाकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर, यानी 4,125 रुपए प्रति वर्गमीटर तय कर दिया गया। लेकिन अब यह घटी हुई दर किसानों के साथ टकराव का कारण भी बन सकती है।
Greater Noida News : इस टाउनशिप के लिए बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की ओर से मुआवजे की दर 5,100 रुपए प्रति वर्ग मीटर रखने का प्रस्ताव दिया गया था। बताया जाता है कि इस दर पर किसानों की ओर से सहमति भी बन गई थी। लेकिन किसानों के साथ टकराव की आशंका का हवाला देते हुए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने बीडीए की प्रस्तावित दर को खारिज कर दिया। अब गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने प्रस्तावित मुआवजे की दर को घटाकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर की दर तय कर दी है।
बता दें कि बुलंदशहर विकास प्राधिकरण ने घोड़ी-बछेड़ा और कैमराला-चक्रसेनपुर गांवों की जमीनों पर टाउनशिप बनाने की योजना तैयार की है। इन दोनों की गांवों के कुछ हिस्से बीडीए के क्षेत्र में और बाकी हिस्से गौतमबुद्ध नगर में पड़ते हैं। बीडीए की प्रस्तावित टाउनशिप के लिए गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में इन दोनों गांवों के 45 खसरे की कुल 78.061 हेक्टेयर जमीन पड़ती है।
Greater Noida News : बीडीए ने किसानों के साथ आपसी सहमति के आधार पर जमीनें खरीदने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में बीडीए की ओर से 5,100 रुपए प्रति वर्गमीटर का प्रस्ताव भी रखा गया था, जिसपर किसानों की सहमति भी बन गई थी। लेकिन गौतमबुद्ध नगर प्रशासन के अधिकारियों को यह भय सताने लगा कि मुआवजे की इस दर को लेकर किसानों के साथ टकराव पैदा हो सकता है। इसलिए उन्होंने किसानों की सहमति के बावजूद इस दर को घटाकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर यानी 4,125 रुपए प्रति वर्गमीटर तय कर दिया।
हालांकि मुआवजे की राशि तय होने के बाद बीडीए ने दोनों गांवों के खसरा नंबर की सूची जारी कर किसानों से 15 दिनों के अंदर आपत्तियां मांगी हैं। इनमें घोड़ी-बछेड़ा के 20 खसरे की 42.3330 हेक्टेयर जमीन और कैमराला-चक्रसेनपुर के 25 खसरे की 35.7280 हेक्टेयर जमीन शामिल है। बीडीए ने सूची जारी करने के साथ ही गौतमबुद्ध नगर प्रशासन द्वारा जमीन के मुआवजे के लिए निर्धारित दर की जानकारी भी साझा की है। अब किसानों की ओर से आने वाली आपत्तियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Greater Noida News : इधर गौतमबुद्ध नगर प्रशासन द्वारा बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित मुआवजे की राशि को खारिज करने और उससे कम राशि पर सहमति दिए जाने की बात को लेकर नया विवाद पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। कुछ किसान दबी जुबान से यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि बीडीए ने किसानों के हित में बढ़ी हुई दर पर मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन गौतमबुद्ध नगर प्रशासन के अधिकारियों किसान विरोधी मानसिकता दिखाते हुए मुआवजे की राशि को घटाने का काम किया है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गौतमबुद्ध नगर प्रशासन के अधिकारी किसानों के साथ जिस टकराव की आशंका जता रहे थे, वह टकराव वास्तव में टलता भी है या नहीं। पहले बीडीए द्वारा प्रस्तावित मुआवजे की ऊंची दर (5,100 रुपए प्रति वर्गमीटर) पर तो किसानों ने सहमति दे दी थी, लेकिन अब मुआवजे की राशि घटाए जाने के बाद कहीं किसानों के साथ वास्तव में टकराव न हो जाए।
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