
Greater Noida : आपके पसंदीदा चेतना मंच न्यूज पोर्टल www.chetnamanch.com की आशंका पूरी तरह से सच साबित हुई है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पकड़ी गई 450 करोड़ रूपये मूल्य की ड्रग्स के मामले में पुलिस की मिलीभगत सामने आ गई है। इस खुलासे को करने के लिए पुलिस अफसरों को जांच करने में चार महीने का समय लगा है। चार महीने तक चली जांच के बाद यह खुलासा हुआ है कि ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 तथा सूरजपुर थाना क्षेत्रों में पकड़ी गई अवैध ड्रग्स फैक्ट्री के संचालन के मामले में कम से कम 10 पुलिस कर्मी दोषी हैं। चेतना मंच ने मई में ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री पकड़े जाने का समय ही यह आशंका जाहिर कर दी थी कि अवैध ड्रग्स का यह कारोबार पुलिस के संरक्षण में चल रहा था।
आपको बता दें कि 16 मई 2023 को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बीटा 2 तथा सूरजपुर थाना क्षेत्रों में खतरनाक किस्म के नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। पुलिस ने उस समय 450 करोड़ रुपये की अवैध ड्रग्स बरामद की थी। चेतना मंच ने उस समय आशंका जाहिर की थी कि ड्रग्स का यह पूरा कारोबार ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 तथा सूरजपुर थानों की पुलिस के संरक्षण में चल रहा हो सकता है। ड्रग्स के अवैध धंधे में पुलिस की मिलीभगत की जांच नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी को सौंपी थी।
10 पुलिस कर्मी मिले हुए थे
नोएडा पुलिस के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने इस मामले की जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह को सौंप दी है। जानकार सूत्रों ने दावा किया है कि चार महीने की गहन जांच में एडीसीपी को दाल में बहुत कुछ काला मिला था। रिपोर्ट में बीटा 2 तथा सूरजपुर थानों में तैनात रह चुके 10-12 पुलिस कर्मी दोषी पाए गए हैं।
नोएडा के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर ड्रग्स के इस अवैध धंधे में लिप्त पुलिस कर्मियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के संकेत मिले हैं। उधर, पुलिस अभी भी ड्रग्स के इतने बड़े साम्राज्य के पीछे के असली गुनाहगार तक नहीं पहुंच पाई है। पूरी संभावना यही है कि ड्रग्स का साम्राज्य किसी विदेशी धरती से चलाया जा रहा था।