Greater Noida News: डिजिटल तकनीक से गांवों व सेक्टरों की सफाई पर निगरानी
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:00 PM
ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आने वाले गांवों व सेक्टरों की स्वच्छता और पुख्ता करने के लिए प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण अब डिजिटल तकनीक के सहारे सभी गांवों व सेक्टरों की साफ-सफाई पर नजर रखने लगा है। प्राधिकरण ने मैनुअल स्वीपिंग के तहत गांवों व सेक्टरों में लगे सफाईकर्मियों का फोटो व मोबाइल नंबर सहित ब्योरा अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। जोन टू से इसकी शुरुआत की गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधीन 124 गांव और 80 से अधिक सेक्टर आते हैं। इन गांवों की साफ-सफाई का जिम्मा भी प्राधिकरण पर है। प्राधिकरण ने मैनुअल स्वीपिंग के लिए सेक्टरों व गांवों को मिलाकर चार जोन बनाए हैं। हर जोन के साफ-सफाई के लिए अलग-अलग एजेंसी चयनित की जाती है। इन एजेंसियों के कर्मचारी गांवों व सेक्टरों की साफ-सफाई ठीक से कर रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी के लिए प्राधिकरण ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। मसलन, सभी सफाई कर्मियों की फोटो, मोबाइल नंबर पर सहित पूरा ब्योरा तैयार कर उसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इसकी शुरुआत जोन टू से की गई है। इन जोन के सभी सफाई कर्मियों व सुपरवाइजरों का ब्योरा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर वन मैप ग्रेटर नोएडा में अपलोड है। निवासी उसे जब चाहें देख सकते हैं। वहीं, वन मैप पर ही जीपीएस के माध्यम से कूड़ा उठाने में लगे वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है। व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए वे किस समय, किस रूट से कहां गए, यह सब देखा जा सकता है। शेष जोन (एक, तीन व चार ) के कर्मचारियों का ब्योरा भी प्राधिकरण बहुत जल्द ब्योरा तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर देगा। इससे प्राधिकरण के अधिकारी ही नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के निवासी भी उन पर नजर रख सकेंगे।
अगर किसी एरिया में साफ-सफाई नहीं हुई है या फिर कूड़ा नहीं उठा है तो उसकी शिकायत कर सकेंगे। सोमवार को प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग ने ग्रेटर नोएडा की आरडब्ल्यूए व फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूएज के प्रतिनिधियों के सामने इसका प्रस्तुतिकरण भी दिया है।
कहीं सफाई नहीं हो रही है तो फोन पर बताएं: सीईओ
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने कहा कि ग्रेटर नोएडा की पहचान ही स्वच्छता और ग्रीनरी है। इसे और बेहतर बनाने के लिए निगरानी की डिजिटल तकनीक को अपनाना जरूरी है। इससे प्राधिकरण की टीम के साथ ही सेक्टरवासी व ग्रामीण भी नजर रख सकेंगे। वेबसाइट पर मोबाइल नंबर व ब्योरा होने से निवासियों को अपने एरिया के सफाई कर्मी व सुपरवाइजर के बारे में जानकारी रहेगी। अगर कहीं सफाई नहीं हो रही है तो वे फोन पर शिकायत कर सकेंगे। गांव हो या सेक्टर, सभी जगह नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए। अगर कहीं लापरवाही दिखे तो इसकी सूचना जरूर दें।