निवेशकों की पहली पसंद बने जिले में धरातल पर कुछ नहीं
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:02 AM
Greater Noida News : यूं तो सालभर पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में गौतमबुद्ध नगर ने सबसे ज्यादा निवेश बटोरे और जिले के लोगों ने रोजगार के सपने बने, लेकिन धरातल पर अब तक कुछ खास नहीं दिख रहा है। निवेशकों के कदम नहीं बढ़ाने की वजह से औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की सुविधाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश आकर्षित करने वाले जिले से 70 प्रतिशत कंपनियों ने कदम पीछे खींच लिए हैं। इसकी वजह निवेशकों से मनचाही मांगें और भूखंड आवंटन में देरी बताई जा रही है।
निवेशकों ने अब अपने कदम पीछे खींचे
पिछले साल फरवरी में लखनऊ में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई थी। पूरे प्रदेश में हुए दस लाख करोड़ के निवेश में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी गौतमबुद्धनगर की रही थी। करीब 1,377 निवेशकों ने गौतमबुद्ध नगर को पहली पसंद बताया था और 2.95 करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल हुए थे। दावा किया गया था कि निवेश से जिले में सात करोड़ 45 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, लेकिन इनमें से करीब 70 प्रतिशत यानी 939 निवेशकों ने अब अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। इन्होंने जिले में निवेश करने से इन्कार कर दिया है। 1,377 निवेशकों में से 438 ने ही एमओयू किया है। निवेशकों का 2.33 करोड़ के निवेश के साथ 5.77 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देने का दावा है। 939 निवेशकों के किनारा करने से जिले को 1.67 करोड़ से अधिक का नुकसान का अनुमान है।
11 प्रतिशत कंपनियां ही शुरू हो सकीं
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आए कुल प्रस्तावों के सापेक्ष 11 प्रतिशत कंपनियों ने ही उत्पादन शुरू किया है। इन कंपनियों ने जिले में 858 करोड़ का निवेश किया और इनमें 1.99 लाख लोगों को रोजगार मिला है। इनमें वीवो, एनआईडीपी डिवेलपर, उर्वशी इंफ्राटेक, थीम काउंटी समेत कुछ ही बड़ी, जबकि अधिकतर छोटी कंपनियां हैं। सबसे कम एक करोड़ रुपये का भी निवेश हुआ है। राकेश बंसल, अध्यक्ष, आईआईए, ग्रेटर नोएडा चैप्टर ने बताया कि जमीन मुहैया नहीं कराया जा रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में औद्योगिक भूखंड का आवंटन कई वर्ष से नहीं किया गया है। जमीन लीज पर होने की वजह से भी निवेशक कतरा रहे हैं। छोटे छोटे कामों के लिए प्राधिकरणों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
आवंटन के बाद भी नहीं शुरू हो रही इकाई
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों के लिए 3041 भूखंडों का आवंटन हो चुका है। क्षेत्र में सिर्फ 14 कंपनियां शुरू हो सकी हैं, जबकि 114 निमार्णाधीन बताई जाती है। जीबीसी के तहत प्रस्तावों के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र सिर्फ एक ही कंपनी शुरू हुई है। हाल ही में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आवंटन के बाद कंपनियां चालू न होने के मामले में जांच शुरू करने की बात कही है, इससे निवेशकों की काफी हद तक समस्याएं हल होने की संभावना है। अनिल कुमार, उपायुक्त, उद्योग, गौतमबुद्ध नगर ने बताया कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जिन कंपनियों और निवेशकों के पास जमीन की उपलब्धता थी, उन्होंने एमओयू कर लिया है। बड़ी संख्या में निवेशकों के पास जमीन की उपलब्धता नहीं है। यही कारण है कि उनके प्रस्ताव अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। Greater Noida News