
Greater Noida News (चेतना मंच)। दनकौर कस्बे में एक दरोगा की प्रताड़ना से तंग आकर महिला द्वारा आत्महत्या करने के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की कुंभकर्णी नींद टूटी है। तीन दिन बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आरोपों से घिरे दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा जोन के डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि दनकौर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर रामभजन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। गत दिनों दनकौर कस्बा निवासी एक महिला के आत्महत्या करने के बाद उसके परिजनों ने दरोगा पर प्रताड़ित करने सहित कई अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। विभागीय जांच में प्रकरण की विवेचना में लापरवाही बरतने सहित अन्य मामलों में दोषी पाए जाने पर आरोपी दरोगा रामभजन सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
आपको बता दें कि झाझर रोड निवासी विपिन व उसकी पत्नी मोनी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर उसकी बहन ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच दनकौर कोतवाली में तैनात दरोगा रामभजन सिंह कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा रामभजन सिंह जांच के नाम पर मोनी से 5 लाख रूपये की मांग की थी। इस पर उन्होंने 2 लाख रूपये दरोगा को दे दिए थे। इसके बाद भी दरोगा उन पर और पैसे देने का दबाव बना रहा था। दरोगा की प्रताडऩा से तंग आकर मोनी ने मंगलवार की शाम को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनो ने शव को दनकौर कोतवाली के बाहर रखकर प्रदर्शन कर आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे एडिशनल डीसीपी अशोक कुमार और एसीपी पवन गौतम ने परिजनों को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद गुस्साए लोग कोतवाली के सामने से हटे थे। मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को हुई तो उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल में दोषी पाए जाने पर आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई को अमल में लाया गया है। Greater Noida News