
Greater Noida News : पिछले काफी समय से ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल की मांग करते आ रहे ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को यूपी की योगी सरकार की ओर से एक बड़ा तोहफा मिला है। माना जा रहा है कि सरकार ने यह तोहफा नववर्ष 2024 का गिफ्ट है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा के बाशिंदों को मेट्रो की अतिरिक्त सेवा के अलावा रैपिड रेल की सुविधा भी दी जाएगी। गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल चलाए जाने की हरी झंडी मिल गई है।
आपको बता दें कि गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल चलाई जाएगी। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर शासन की मुहर लगा दी है। रैपिड रेल गाजियाबाद से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर, कासना, दनकौर और यीडा के सेक्टरों से होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। शासन से रैपिड रेल की फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर मोहर लगने के बाद अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी।
गाजियाबाद आरआरटीएस से शुरू होकर गाजियाबाद साउथ, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (सेक्टर-4) ग्रेटर नोएडा (सेक्टर-2), नॉलेज पार्क- 5, सूरजपुर, परी चौक, इकोटेक-6, दनकौर, यीडा नॉर्थ (सेक्टर-18), यीडा सेंट्रल (सेक्टर-21, 35), नोएडा एयरपोर्ट तक 72 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कुल 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव डीएस मिश्र ने एनसीआरटीसी, रेलवे, नागरिक उड्डयन व प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। इस दौरान फिजिबिलिटी रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसके बाद फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर शासन की मोहर लग गई।
आपको यह भी बता दें कि शासन के दिशा-निर्देश पर यमुना प्राधिकरण ने नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) से रैपिड रेल की फिजबिलिटी रिपोर्ट बनवाई थी। एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद के दुहाई से नोएडा एयरपोर्ट तक की रिपोर्ट तैयार की थी। इस पर असहमति जताते हुए प्राधिकरण ने दिल्ली से नोएडा और ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक रूट की रिपोर्ट भी मांगी गई थी। अब एनसीआरटीसी की ओर से गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक बनाई गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट शासन से मंजूर हो गई। एनसीआरटीसी ने सवारी के हिसाब से गाजियाबाद वाया ग्रेटर नोएडा से एयरपोर्ट वाले रूट को बेहतर बताया है।
गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तक चलने वाली रैपिड रेल का संचालन वर्ष 2031 तक हो जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जाएगां प्रोजेक्ट के प्रथम चरण का काम गाजियाबाद से कासना तक किया जाएगा। जिसके निर्माण पर 9798 करोड़ रुपये व द्वितीय चरण में कासना से नोएडा एयरपोर्ट तक के निर्माण पर 6391 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 20, राज्य सरकार की 50 व नायल की 30 प्रतिशत होगी। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक इस रूट पर 2031 में राइडरशिप 2,67,670 होगी। इस परियोजना के मूर्तरूप लेने से जहां नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना सुगम व सुरक्षित हो जाएगा।