
Greater Noida News : जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और किसानों की वार्ता के दौरान किसानों के साथ एक बार फिर बड़ा धोखा हुआ है। किसानों के साथ चली 4 घंटे की बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद किसानों ने बैठक का ब्यौरा मांगा था, जिसे प्राधिकरण के अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया। इस धोखे से आहत किसान अब 12 सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दोनों गेट को बंद करने के निर्णय पर अड़ गए हैं।
बता दें कि किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी के साथ किसानों की एक वार्ता आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर के साथ ही जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। लेकिन लगभग 4 घंटे की बैठक के दौरान उनकी मौजूदगी भी बेकार गई।
Greater Noida News : किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा के अनुसार जनप्रतिनिधियों के सामने प्राधिकरण के सीईओ और किसानों के बीच हुई बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी। एक बार ऐसा लगा कि अब प्राधिकरण और जनप्रतिनिधि वास्तव में किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए गंभीर हैं। लेकिन अंत में प्राधिकरण के अधिकारियों की बेमतलब की जिद्द ने मामला खराब कर दिया।
जिन मुद्दों पर किसानों और प्राधिकरण के बीच सहमति बन गई थी, किसानों ने उनका ब्यौरा (प्रमुख बिंदु) मांगा था। किसानों का कहना था कि जब सहमति बन ही गई है, तो उन मुद्दों से जुड़े प्रमुख बिंदु भी लिखित रूप में दिए जाने चाहिए। इसपर प्राधिकरण के अधिकारी तैयार नहीं हुए।
Greater Noida News : बताया जा रहा है कि सहमति बनाने के बावजूद ब्यौरा देने के लिए प्राधिकरण के अधिकारी 25 सितंबर की तारीख पर अड़ गए। आरोप यह भी है कि यहां पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में किसानों का साथ देने के बजाय प्राधिकरण के अधिकारियों के ही सुर में सुर मिला दिया।
इसके बाद बैठक में शामिल किसान भड़क गए। उनका कहना था कि बैठक के दौरान सहमति वाले मुद्दों का ब्यौरा देने में किसी को कोई नुकसान नहीं था, फिर भी प्राधिकरण के अधिकारी अपनी जिद्द पर अड़ गए। इससे उनकी किसान विरोधी मानसिकता भी नजर आती है।
Greater Noida News : जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किसानों और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के बीच हुई लगभग 4 घंटे की बैठक सफल होती नजर आ रही थी। इस दौरान कुछ मुद्दों को सरकार के पास भेजने की बात भी हुई थी। लेकिन वार्ता के अंत में ब्यौरा देने में अधिकारियों की आनाकानी से मामला बिगड़ गया। जनप्रतिनिधियों ने भी प्राधिकरण के अधिकारियों के सुर में सुर मिलाकर किसानों को और भड़का दिया।
किसानों ने बैठक के दौरान ही स्पष्ट कर दिया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों के इरादे संदेह के घेरे में हैं। इसलिए जबतक बैठक के दौरान सहमति वाले मुद्दों का ब्यौरा नहीं मिलेगा, तबतक इस बैठक का कोई भी फैसला मान्य नहीं होगा।
Greater Noida News : किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा के अनुसार बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और धरनास्थल पर वापस लौट आए। इसके बाद निर्णय लिया गया कि किसान 12 सितंबर को हर हाल में प्राधिकरण के दोनों गेट बंद करके रहेंगे। जबतक उनकी समस्याएं दूर नहीं होंगी, तबतक कोई काम नहीं करने दिया जाएगा।
इधर किसान सभा के उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल सूबेदार ने भी वार्ता टूटने पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस वार्ता से किसानों के बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने उनकी मामूली सी बात को भी दरकिनार कर दिया। इससे उनकी किसान विरोधी मानसिकता साफ तौर पर नजर आती है।
Greater Noida News : प्राधिकरण और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच की वार्ता असफल होने के बाद किसानों ने धरनास्थल पर अपना धरना जारी रखा। धरने की अध्यक्षता जयकरण भाटी ने, जबकि संचालन सतीश यादव ने किया। प्राधिकरण के साथ बैठक में शामिल किसानों के प्रतिनिधिमंडल में नरेंद्र भाटी, मोहित नागर, वीर सिंह, जगबीर नंबरदार, मोहित भाटी, प्रशांत भाटी, सचिन, गवारी मुखिया, अजब सिंह, निशांत रावल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे।
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