जेवर एयरपोर्ट का सपना अब हकीकत के करीब, उड़ानों की उलटी गिनती शुरू
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:40 PM
Greater Noida News : उत्तर भारत के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का सपना अब हकीकत बनने के करीब है। एयरपोर्ट का निर्माण कार्य लगभग 90% पूरा हो चुका है और सितंबर 2025 तक इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य तय किया गया है।
बुधवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NAIAL) के सीईओ आर. के. सिंह ने साइट पर निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण एजेंसी याम्पल (Yampl) को स्पष्ट निर्देश दिए कि तय समयसीमा में सभी काम पूरे कर लिए जाएं।
क्या-क्या काम हो चुका है पूरा?
सीईओ आर. के. सिंह के मुताबिक, 3900 मीटर लंबा पहला रनवे पूरी तरह तैयार है, जिसमें रनवे लाइटिंग, चिन्हांकन और तकनीकी काम पूरे हो चुके हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टॉवर भी लगभग बनकर तैयार है, अब सिर्फ DGCA द्वारा कुछ जरूरी उपकरण लगाए जाने बाकी हैं।दिसंबर 2024 में इंडिगो का ट्रायल लैंडिंग सफल रहा था जिससे रनवे की कार्यक्षमता साबित हो चुकी है। टर्मिनल बिल्डिंग, यात्री सुविधाएं, सुरक्षा और कार्गो से जुड़ा काम अंतिम चरण में है।
उड़ानें शुरू होने में क्यों हो रही है देरी?
एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत की समयसीमा पहले सितंबर 2024, फिर अप्रैल 2025, उसके बाद जून और अब सितंबर 2025 तक खिसकती रही है। इसकी बड़ी वजह हैं सुरक्षा मानकों की पूर्ति, टर्मिनल और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कुछ कार्यों का अधूरा होना, जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया लंबी होना।
सुरक्षा मंजूरी और लाइसेंस जरूरी
किसी भी हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत से पहले जरूरी होता है। BCAS (ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी) से सुरक्षा मंजूरी और DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से एयरोड्रम लाइसेंस। ये मंजूरी तभी दी जाएगी जब एयरपोर्ट परिसर पर यात्रियों उनके सामान और प्रवेश-निकासी की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो। अग्निशमन, इमरजेंसी रेस्पॉन्स और सुरक्षा जांच प्रणाली जैसी सुविधाएं पूरी तरह तैयार होनी चाहिए।
एयरपोर्ट के आसपास निर्माण पर रोक
पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने आदेश जारी किया है कि नोएडा एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में बिना NOC कोई भी निर्माण कार्य नहीं होगा। यदि ऐसा कोई निर्माण पाया गया तो संबंधित पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम एयरपोर्ट की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
क्या सितंबर में भरेंगी उड़ानें?
हालांकि 90% काम पूरा हो चुका है और निर्माण एजेंसियां समय पर काम खत्म करने के लिए जोर-शोर से जुटी हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं जैसे सुरक्षा मंजूरी, परीक्षण और संचालन के ट्रायल अभी शेष हैं। अगर सबकुछ योजना के अनुसार रहा, तो सितंबर 2025 के अंत तक नोएडा एयरपोर्ट से पहली व्यावसायिक उड़ान संभव हो सकती है।