
अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय बबलू कुमार ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि 1 मई को अपहरण के दौरान कुणाल शर्मा को कार में बैठाते ही उसके मुंह पर टेप लगा दिया गया और उसके हाथ बांद दिए गए। उसके बाद कुणाल शर्मा को एक फ्लैट में ले गए जहां उसकी पिटाई की गई। इस दौरान सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। कुणाल के मरने के बाद उसके शव को एक ट्रॉली बैग में रखा गया और उसे बुलंदशहर की नहर में डिस्पोज कर दिया गया।