इस वर्ष विवाह के बन रहे हैं 64 मुहूर्त, जानें तारीख
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Jan 2025 12:43 AM
Greater Noida News : नए साल में विवाह के कई मुहूर्त बन रहे हैं। जिससे लोगों को शादी के दिन आदि ताकने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस वर्ष विवाह के 64 मुहूर्त बताए जा रहे हैं। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। साथ ही 16 जनवरी से 27 जनवरी के बीच विवाह के 9 मुहूर्त हैं। इसके अलावा इस वर्ष 4 ग्रहण लग रहे हैं, लेकिन इसमें सबसे राहत की बात है कि तीन ग्रहण भारत में नहीं दिखेंगे।
विवाह के 64 मुहूर्त बन रहे
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन स्थित पीपल महादेव मंदिर के पंडित रामदरश तिवारी और सेक्टर बीटा वन स्थित रामजानकी मंदिर के पंडित अशोक कुमार शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2025 में विवाह के 64 मुहूर्त बन रहे हैं। जिसमें जनवरी महीने में केवल १ शुभ मुहुर्त है। वहीं, तीन फरवरी से 26 फरवरी के बीच 13 मुहुर्त हैं। एक से छह मार्च के बीच चार मुहूर्त है। सात मार्च से होलाष्टक लगने और एक महीने का लगने से 13 अप्रैल तक विवाह मुहूर्त अप्रैल में 10 मई से नौ जून तक छह बन रहे हैं। इसी तरह अन्य माह में भी मुहुर्त हैं।
चार ग्रहण भी लग रहे हैं, लेकिन तीन का नहीं रहेगा असर
नव वर्ष में चार ग्रहण भी लग रहे हैं। लेकिन सबसे राहत की बात यह है कि तीन ग्रहण का असर भारत में नहीं रहेगा। चार ग्रहण में दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण पड़ रहे हैं। पहला ग्रहण 14 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लगेगा। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। दूसरा 29 मार्च को चैत्र कृष्ण अमावस्या को लगेगा। जो भारत में नहीं दिखेगा। सात सितंबर को पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण पड़ रहा है। यह भारत में दिखाई देगा। अंतिम ग्रहण 21 सितंबर को आश्विन अमावस्या को पड़ेगा। जो भारत में नहीं दिखाई देगा। Greater Noida News
विवाह के लिए मुहुर्त का होता है महत्व
भारत में विवाह को एक बहुत ही शुभ कार्य माना जाता है। लोग इस वैवाहिक शुभ कार्य को किसी भी कीमत पर केवल शुभ मुहुर्त के अनुसार ही पूरे विधि विधान से करना पसंद करते हैं। इस वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार कुल 64 मुहुर्त बन रहे हैं। जिससे लोगों को शादी विवाह का दिन ताकने में कोई परेशानी नहीं होगी। लोग इस वर्ष मिल रहे इन 64 शुभ मुहुर्तों का भरपूर आनंद ले सकते हैं। और अपने परिवार के मांगलिक कार्यों को धर्म सम्मत तरीके से कर सकते हैं।