ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में है एक ऐसा गांव जो बसा था बीमारी में
Greater Noida
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 02:02 AM
Greater Noida News : भारत वर्ष के हर गांव के बसने के पीछे कुछ न कुछ वजह जुड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर में भी एक ऐसा गांव है जो एक बीमारी के कारण बसा था। ग्रेटर नोएडा के इस गांव का नाम है ढाकवाला गांव।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित ढाकवाला गांव के बसने की कहानी आप सबको हैरान कर देगी। ग्रेटर नोएडा के ढाकवाला गांव के ग्रामीणों ने बताया कि 100 साल पहले एक भयंकर बीमारी यहां फैली जिसकी वजह से कई लोगों की मौत हो गई। इलाके में जो बीमारी फैली उसका नाम था गिल्टी की बीमारी। गिल्टी की बीमारी से बचने के लिए ऊंची दनकौर में रहने वाले पूर्वज अपने खेतों में आकर बस गये। इन्हीं खेतों में एक ढाक का बड़ा पेड़ था। ऊंची दनकौर का एक परिवार इस ढाक के पेड़ के नीचे बस गया और धीरे-धीरे उस परिवार का कुनबा बढऩे लगा और उसके आसपास आबादी बसती चली गई। ग्रामीणों ने बताया कि गिल्टी की जब बीमारी फैली तो ग्रामीणों ने कहा कि इलाके से अगर दूर जाकर बस जाए तो बीमारी का असर कम हो जाएगा। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस समय गांव में वह ढाक का पेड़ नहीं है लेकिन अब इस गांव का नाम ढाकवाला गांव पड़ चुका है। गांव की आबादी 250 के करीब है और इस गांव में विकास कार्य न के बराबर हैं।
औषधीय पेड़ है ढाक
पलाश (ढाक) चंडीगढ़ का राजकीय वृक्ष है। यह एक औषधीय पेड़ है, जिसे ‘पलाश’ और ‘टेसू’ के नाम से भी जाना जाता है। इसके पांचों भाग जड़, तना, फल, फूल और बीजों से आयुर्वेदिक औषधि बनाई जाती है। इस पेड़ से जुड़ा "ढाक के तीन पात" वाला मुहावरा भी काफी प्रचलित है। ढाक के पात यानी पत्ते एक साथ तीन के समूह में होते हैं। किसी भी टहनी पर न तो चार पत्ते होते हैं और न ही दो। पलाश (पलास,छूल,परसा, ढाक, टेसू, किंशुक, केसू) एक वृक्ष है जिसके फूल बहुत ही आकर्षक होते हैं। इसके आकर्षक फूलों के कारण इसे "जंगल की आग" भी कहा जाता है। प्राचीन काल से ही होली के रंग इसके फूलो से तैयार किये जाते रहे है। भारत भर मे इसे जाना जाता है।
पलास भारतवर्ष के सभी प्रदेशों और सभी स्थानों में पाया जाता है। पलास का वृक्ष मैदानों और जंगलों ही में नहीं, 4000 फुट ऊँची पहाडिय़ों की चोटियों तक पर किसी न किसी रूप में अवश्य मिलता है। यह तीन रूपों में पाया जाता है—वृक्ष रूप में, क्षुप रूप में और लता रूप में।