
Greater Noida News : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गुर्जर समाज के युवकों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में गुर्जर समाज के सैकड़ों लोगों ने DM कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
मंगलवार को राष्ट्रीय युवा गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के सुरेश प्रधान के नेतृत्व में गुर्जर समाज के सैकड़ों लोग डीएम कार्यालय पर पहुंचे और एमपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय युवा गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष उदय गुर्जर ने कहा कि 25 सितंबर को ग्वालियर में गुर्जर समाज के लोगों ने अपने हक के लिए महापंचायत का आयोजन किया था। गुर्जर नेताओं ने ग्वालियर प्रशासन से मंच के माध्यम से अनुरोध किया कि पंचायत स्थल पर आकर ज्ञापन लें, लेकिन ग्वालियर प्रशासन ने उनकी बात को अनसुना कर दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि शांतिपूर्ण तरीके से वहां धरना देने का फैसला लिया, लेकिन पुलिस ने युवाओं पर लाठीचार्ज आंसू गैस के गोले दागते हुए उनके वाहनों में तोड़फोड़ करने के साथ फर्जी मुकदमे दर्ज कर 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं अनिल कसाना बदौली ने ग्वालियर प्रसासन पर आरोप लगाते हुए कहा गुर्जर समाज के युवाओं पर लगाए गए फर्जी मुकदमे को निराधार बताया। कहा कि राजनीतिक लोगों के इशारे पर गुर्जर समाज को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। जब बार बार मंच से ज्ञापन के लिए अधिकारियो को बुलाया जा रहा था तब कोई अधिकारी नहीँ पहुंचा। हजारों की संख्या मे लोगों को मैनेज़ करने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई प्रबंध नहीँ किया गया।
कहा गया कि ग्वालियर के जिला मुख्यालय पर ज्ञापन देने गए युवा बुजुर्गो पर ना कोई लाठी ना कोई डंडा, ना ही पत्थर थे। फिर किस आधार पर ग्वालियर प्रशासन ने आंसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियों से हमला किया। किसने उनको यह सब करने का आदेश दिया, इस घटना की जांच हो। संजय नागर, एडवोकेट विनय चपराना ने कहा कि अगर ग्वालियर प्रशासन ने दर्ज फर्जी मुकदमे व लोगों को परेशान करना बंद नहीं किया और मध्य प्रदेश सरकार ने गुर्जर समाज के युवाओं बुजुर्गों व ओबीसी किसान नेताओं को रिहा नहीं किया तो पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा।
एडवोकेट श्याम सिंह भाटी, विकास जतन प्रधान, कृष्ण नागर, विकास भनोंता, एडवोकेट मोहम्मद सैफी, विपिन कसाना,सुभम चेची, एडवोकेट सुनील चपराना,एडवोकेट धीरज खटाना, भारत चेची, तुषार भाटी, हेमंत भाटी,एडवोकेट जितेंद्र भाटी, नीटू डागर, ऋतुराज शर्मा, अनुराग भाटी, मनीष नागर,जीतेन्द्र नागर, मनोज कलशन, भीम, कमल, दीपक, अजित प्रधान, एडवोकेट सुमित कलशन, मनोज भाटी कठेड़ा आदि प्रदर्शनकारियों में शामिल रहे।