सूरजपुर वेटलैंड में विदेशी पक्षियों का टूर, ग्रेटर नोएडा की खूबसूरती में लगे चार चांद
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:54 AM
Greater Noida News : सर्दियां शुरू होते ही ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर वेटलैंड (Surajpur Wetland) में विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। अगले 4 महीने तक विदेशी पक्षी सूरजपुर वेटलैंड में प्रवास करेंगे। विदेशी पक्षियों की मौजूदगी सूरजपुर वेटलैंड को बेहद खूबसूरत बना रही है।
वेटलैंड की टीम ने की तैयारियां
सर्दियां शुरू होते ही सूरजपुर वेटलैंड का माहौल विदेशी पक्षियों के लिए बिल्कुल अनुकूल हो जाता है। नवंबर से लेकर फरवरी तक 4 महीने के लिए विदेशी पक्षियों की कई प्रजातियां सूरजपुर वेटलैंड में प्रवास के लिए आती हैं। वेटलैंड की टीम पक्षियों के स्वागत के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर चुकी है। यहां पक्षियों के लिए उनके अनुकूल माहौल तैयार किया जाता है। प्रवास के लिए आसमान को छूती इमारतों से दूर सूरजपुर वेटलैंड का शांतिपूर्ण माहौल पक्षियों को खूब भाता है। 80 हेक्टेयर में बनी झील का आनंद लेने के लिए सैकड़ों प्रकार के विदेशी पक्षी यहां पर आते हैं।
पक्षियों को खूब भाती है हल्की सर्दी
आपको बता दें कि नवंबर के दौरान विदेशों में झीलों का पानी ज्यादा सर्दी होने की वजह से बर्फ का रूप ले लेता है। ऐसे में पक्षी अपने अनुकूल वातावरण देखने के लिए उड़ान भरते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर वेटलैंड तक आ जाते हैं। यहां पर उनके हिसाब से अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। नवंबर में हल्की सर्दियों का मौसम पक्षियों को खूब भाता है। यह पक्षी हर साल चार महीने प्रवास करने के लिए यहां आते हैं और फिर उड़ जाते हैं।
लम्बे समय तक रुकते हैं पक्षी
सूरजपुर वेटलैंड में कॉमन टील, कॉमन पोचार्ड, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क सहित सैकड़ों प्रकार की प्रजातियां यहां पर आकर प्रवास करती हैं। पक्षियों को देखने के लिए सैलानियों की संख्या में भी इजाफा हो जाता है। सैलानियों के लिए कई जगह सेल्फी प्वाइंट और कंक्रीट के पुल बनाकर तैयार किए गये हैं। जगह जगह पर पक्षियों के बोर्ड लगाकर सैलानियों को बताने के लिए उनके बारे में जानकारी भी लिखी गई है। ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर वेटलैंड 308 हेक्टेयर क्षेत्र में बना हुआ है। इसमें सिर्फ 60 हेक्टेयर में झील बनी हुई है। 248 हेक्टेयर में जंगल है। जंगल में कई प्रकार के पेड़ों की प्रजातियां हैं। जो सिर्फ सूरजपुर वेटलैंड में ही पाई जाती हैं। यहां पर विदेश से आने वाले पक्षी अनुकूल माहौल पाकर काफी समय के लिए रूकते हैं। Greater Noida News