29 दिन में दो सुसाइड : शारदा यूनिवर्सिटी पर उठे सवालों के पहाड़
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 03:53 PM
Greater Noida News : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में 29 दिनों के भीतर दो छात्रों की आत्महत्या ने पूरे शैक्षणिक तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है। बीडीएस की छात्रा ज्योति जांगड़ा और बीटेक के छात्र शिवम कुमार डे की मौत ने न केवल यूनिवर्सिटी की व्यवस्थाओं पर बल्कि शिक्षा व्यवस्था और हॉस्टल प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ज्योति जांगड़ा केस : उत्पीड़न का आरोप
18 जुलाई को बीडीएस सेकंड ईयर की छात्रा ज्योति ने हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी। कथित सुसाइड नोट में उसने साफ लिखा महिंदर सर और शैरी मैम मेरी मौत के जिम्मेदार हैं। पुलिस जांच में डायरी और मोबाइल से भी ज्योति के आरोपों की पुष्टि हुई। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाब मांगा, वहीं दो प्रोफेसरों की गिरफ्तारी भी हुई।
शिवम डे केस : शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष
18 जुलाई के ठीक 29 दिन बाद, 16 अगस्त को कंप्यूटर साइंस के छात्र शिवम डे ने भी हॉस्टल में खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में उन्होंने किसी को दोषी नहीं ठहराया, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए लिखा कि अगर देश को महान बनना है तो सही एजुकेशन सिस्टम शुरू करना होगा। शिवम ने यूनिवर्सिटी से अपनी फीस लौटाने की भी अपील की।
परिवार और छात्र संगठनों के सवाल
शिवम के पिता ने पूछा, अगर बेटा कॉलेज नहीं जा रहा था तो हॉस्टल प्रशासन ने हमें क्यों नहीं बताया? फीस तो समय पर ली गई लेकिन पढ़ाई और उपस्थिति पर कोई ध्यान क्यों नहीं दिया गया? ज्योति के परिजन भी यही आरोप लगा चुके हैं कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने हॉस्टल सुरक्षा और मानसिक हेल्थ सपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि शिवम को बार-बार स्पेशल एग्जाम और री-एडमिशन का विकल्प दिया गया, लेकिन उन्होंने नहीं चुना। जबकि परिजनों का आरोप है कि कॉलेज मैनेजमेंट ने सिर्फ फीस लेने पर जोर दिया, छात्र की स्थिति पर नहीं।
अब सबसे बड़ा सवाल
दोनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि संस्थान में छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य निगरानी, हॉस्टल प्रबंधन और प्रोफेसर-छात्र संबंधों की पारदर्शिता में भारी खामियां हैं। सुप्रीम कोर्ट तक चिंता जता चुका है, लेकिन क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन ठोस सुधारात्मक कदम उठाएगा या फिर यह भी मामला महज जांच और बयानों में दबकर रह जाएगा? Greater Noida News