ग्रेनो में यूपीसीडा ने बिल्डरों पर कसी लगाम, बकाया नहीं चुकाने पर बगैर बिके फ्लैट सील
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:28 PM
Greater Noida News : राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने ग्रेनो में बिल्डरों की मनमानी पर लगाम कसनी शुरू कर दी है। बकाया जमा नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ प्राधिकरण ने पहली बार सख्त रुख अपनाते हुए बगैर बिके फ्लैट सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बकाये की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी
यूपीसीडा ने ओएसिस, शिवालिक होम और ला गैलेक्सिया की बकाये की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) भी जारी कर दी है। प्राधिकरण की ओर से शिवालिक होम्स परियोजना के दो दर्जन से ज्यादा फ्लैट सील किए गए हैं। इसके साथ ही तीनों बिल्डरों के बगैर बिके फ्लैट का सर्वे शुरू किया गया है। इन बिल्डरों ने वर्षों से सरकार का बकाया नहीं चुकाया है, जिससे पांच हजार से ज्यादा फ्लैट खरीदार रजिस्ट्री के लिए भटक रहे हैं।
यूपीसीडा क्षेत्र के अधिकांश प्रोजेक्टों में रजिस्ट्री रुकी हुई
ज्ञात हो कि यूपीसीडा क्षेत्र के अधिकांश प्रोजेक्टों में रजिस्ट्री रुकी हुई है। पांच हजार से ज्यादा खरीदारों को फ्लैट पर कब्जा और मालिकाना हक नहीं मिल सका है। बिल्डरों की उदासीनता और बकाया भुगतान में देरी से इसकी रजिस्ट्री रुकी है। शिवालिक होम्स (कॉसमॉस इंफ्रा इस्टेट प्रा. लि.) पर 86 लाख रुपये का बकाया है। प्राधिकरण की विशेष टीम ने फ्लैट्स की पहचान कर सर्वे शुरू कर दिया है। लगभग दो दर्जन अनसोल्ड फ्लैट्स की सीलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो यूपीसीडा की ओर से अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है।
जब तक बकाया नहीं चुकाया जाएगा रजिस्ट्री नहीं होगी
इसके साथ ही ओएसिस बिल्डमार्ट और ला गैलेक्सिया भी यूपीसीडा के रडार पर हैं। ओएसिस बिल्डर पर 9 करोड़ और ला गैलेक्सिया पर आठ करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। इन दोनों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट आरसी जारी किए गए हैं। इन बिल्डरों के खरीदारों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया तब तक नहीं शुरू होगी जब तक बकाया नहीं चुकाया जाता और आवश्यक दस्तावेज नहीं सौंपे जाते। वहीं ओएसिस के प्रोजेक्ट वेनिस हाइट्स में फ्लैटों की रजिस्ट्री भी रुकी हुई है, जबकि सैकड़ों परिवार पहले ही वहां रहना शुरू कर चुके हैं।
रजिस्ट्री न होने की वजह से कानूनी रूप से फ्लैट के मालिक नहीं बन पा रहे
इन प्रोजेक्ट्स में घर खरीद चुके लोगों की सबसे बड़ी समस्या यही है कि उन्हें वर्षों पहले कब्जा मिल चुका है लेकिन रजिस्ट्री अब तक नहीं हो पाई है। रजिस्ट्री न होने की वजह से न तो वे कानूनी रूप से फ्लैट के मालिक बन पा रहे हैं और न ही बैंक लोन या अन्य लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं। खरीदारों का कहना है कि उनका कसूर नहीं है, लेकिन वे सिस्टम की खामियों और बिल्डरों की लापरवाही की सजा भुगत रहे हैं।
एफएआर का विवाद बना रोड़ा
यूपीसीडा क्षेत्र में रजिस्ट्री की समस्या केवल बकाया तक सीमित नहीं रही। एक बड़ा कारण फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद भी रहा है। हालांकि कुछ महीने पहले यूपीसीडा बोर्ड ने 3.5 एफएआर को मंजूरी देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन इसके बाद भी अधिकतर बिल्डर या तो दस्तावेज नहीं दे रहे या बकाया नहीं चुका रहे। अनिल कुमार शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा ने बताया कि जिन बिल्डरों ने सरकारी बकाया नहीं चुकाया है, उनके खिलाफ वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बगैर बिके फ्लैट्स सील किए जा रहे हैं। तीन बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई शुरू की गई है। Greater Noida News