
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर पिछले तीन माह से आंदोलन कर रही महिला किसानों ने शनिवार को हरियाली तीज का पर्व धरना स्थल पर ही मनाया। महिलाओं ने धरना स्थल पर ढोलक की थाप पर लोकगीत गाए और डांस किया। धरना स्थल पर मनाए गए हरियाली तीज के इस पर्व में हर उम्र की महिला किसानों ने भाग लिया।
जैसा कि आपको पता ही है कि आज हरियाली तीज पर्व देशभर में मनाया जा रहा है। ऐसे में आंदोलनरत महिला किसान कैसे पीछे रह सकती थी। महिला किसानों ने धरना स्थल पर ही पकवान तैयार किए और हरियाली तीज का पर्व धूमधाम से मनाया। महिलाओं ने ढोलक की थाप पर गीत गाए जिससे माहौल पूरी तरह से लोकगीतमय हो गया।
इस दौरान गांव घोड़ी की शांति देवी ने कहा कि जब तक हमारे सभी मुद्दे हल नहीं हो जाते हम यहां से जाने वाली नहीं है क्योंकि हमारे मुद्दे पिछले काफी लंबे समय से लंबित हैं और हर बार प्राधिकरण में बैठे हुए अधिकारी और सरकार में बैठे हुए जनप्रतिनिधि हम को गुमराह करते हैं और झूठे आश्वासन देकर हमारे धरने को उठवा देते हैं और बाद में अपनी कही बातों से मुकर जाते हैं। इसलिए हमने तय किया है जब तक समस्याओं का समाधान नहीं तब तक घर वापसी नहीं। महिला किसान तिलक देवी ने कहा कि प्राधिकरण पर धरना देते हुए हमको लंबा समय हो गया है और जो लोग सरकार के नुमाइंदे बनकर हमारे मध्य आए थे वह अपने घरों में मजे से हैं।
Read More - Noida News : पति और ससुर बने हैवान, घर की लक्ष्मी के साथ की हदें पारआज के धरने को संचालित कर रही पूनम भाटी गांव थापखेड़ा ने कहा कि इस बार के धरने में महिला किसानों की संख्या भी पुरुषों के बराबर रही है बल्कि कई मौकों पर तो पुरुषों से ज्यादा संख्या में महिलाएं धरने पर आई है। अब हमने निश्चय किया है कि हमारे जो भी त्यौहार हैं जब तक हम धरने पर हैं तब तक धरना स्थल पर ही अपने त्यौहार मनाएंगे,हमारे त्योहारों का घर पर बैठकर मनाने का कोई मतलब नहीं होता क्योंकि सरकार और प्राधिकरण हमारे हको पर डाका डालते रहें और हम घर पर त्यौहार मनाए यह हमें मंजूर नहीं।
महिला किसान जोगेंद्री देवी ने कहा कि हमारे बच्चे शिक्षित होकर भी नौकरी के लिए धक्के खा रहे हैं और हमारी जमीनों पर हजारों की संख्या में उद्योग धंधे स्थापित हैं परंतु हमारे बच्चों के लिए नौकरी नहीं। उन्हें लोकल कहकर रोजगार नहीं दिया जाता यह हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय है। अगर हमारे क्षेत्र में सरकार को उद्योग धंधे स्थापित करने हैं तो उनमें प्राथमिकता के तौर पर हमारे बच्चों को रोजगार देना होगा वरना हम उग्र आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे। 22 अगस्त को हमारे बेरोजगार युवा रोजगार की मांग को लेकर प्राधिकरण पर बड़ी संख्या में एकत्रित होंगे। उन्हें सहयोग करने के लिए महिलाएं भी बड़ी संख्या में प्राधिकरण पर पहुंचेंगी।
आज के धरने में मुख्य रूप से महिलाओं में गीता, मुंदरेस, बृजेश, सरिता, निशा, ममता, सुनीता, रामवती, अनीता, प्रिया, कविता, पूजा, बबीता, धर्मावती, राजेश, मिथिलेश, चमन, गीता, श्यामबती, रमेश, रामकली, कलावती आदि सैकड़ो की संख्या में महिलाओ के साथ-साथ पुरुष भी मौजूद रहे। Greater Noida News