YEIDA का बड़ा कदम: अब ग्रामीण जमीन पर भी चलेगा कारोबार का पहिया
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:32 AM
Greater Noida News : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने फेज-2 के अंतर्गत अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत दी है। अब ग्रामीण बफर जोन के बाहर अपनी जमीन पर व्यवसायिक निर्माण कर सकेंगे। इस निर्णय से किसानों और स्थानीय निवासियों को स्कूल, फ्यूल स्टेशन, कोल्ड स्टोरेज जैसे कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा।
बोर्ड बैठक में कारोबार को मिली हरी झंडी
प्राधिकरण की हालिया बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि फेज-2 के शहरी केंद्रों के 5 किलोमीटर के बफर जोन से बाहर अधिसूचित गांवों के लोग व्यवसायिक निर्माण कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें यमुना प्राधिकरण में मानचित्र, स्वामित्व दस्तावेज और भवन निर्माण का विवरण जमा करना होगा। साथ ही उन्हें जल, सीवरेज, सड़क कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत जानकारी भी देनी होगी।
निर्णय समिति करेगी 10 दिन में परीक्षण
प्राप्त आवेदनों की समीक्षा एसीईओ की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। इस समिति में महाप्रबंधक (वित्त, नियोजन व परियोजना), संबंधित तहसीलदार और प्रबंधक नियोजन शामिल होंगे। परीक्षण पूरा होने के बाद एक महीने के भीतर आवेदक को अनुमति प्रदान की जाएगी। इस दौरान प्राधिकरण इम्पैक्ट शुल्क भी वसूलेगा।
ग्रामीणों को मिलेगा विकास में भागीदारी का अवसर
इस निर्णय के बाद ग्रामीणों को अपनी जमीन का व्यवसायिक रूप से उपयोग करने का कानूनी अधिकार मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक स्वावलंबन और स्थानीय विकास में भागीदारी का अवसर मिलेगा। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर के 29 गांवों से जुड़े 96 लीजबैक और 11 शिफ्टिंग प्रस्तावों पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है। यह मामला अब 27 जून को होने वाली 85वीं बोर्ड बैठक में तय किया जाएगा। हालांकि, एक अहम फैसला यह लिया गया कि लीजबैक की नियमावली में संशोधन करते हुए आवासीय भूखंड के साथ-साथ घर के घेरे, चारा भंडारण, कृषि यंत्रों की जगह आदि को भी शामिल किया जाएगा। इससे लीजबैक में क्षेत्रफल बढ़ेगा और किसानों को राहत मिलेगी।
जेपी ग्रुप के गांवों को भी मिलेगी राहत
बोर्ड ने यमुना एक्सप्रेसवे निर्माण से प्रभावित जेपी समूह की एलएफडी परियोजना से जुड़े 11 गांवों को लीजबैक में छूट देने का निर्णय लिया है। इन गांवों में जिन निर्माणों को हटाया गया था उन्हें 2012 की सैटेलाइट इमेज के आधार पर पुनः मान्यता दी जाएगी। Greater Noida News