
Greater Noida News : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) महाभारत काल की कई विरासतों को नए तरीके से विकसित करेगा। इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। साथ ही कई मंदिरों और दनकौर में मौजूद बर्ड सैंकचुअरी का भी विशेष तरीके से रखरखाव किया जाएगा। यह नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों और नोएडा व ग्रेटर नोएडा में पर्यटन के लिए आने वालों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसके लिए 13 सितंबर (बुधवार) को होने वाली यीडा प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव रखा जाएगा।
यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने चेतना मंच को बताया कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास के गांवों के विकास की जिम्मेदारी उठाने के साथ ही प्राधिकरण पुरानी और सांस्कृतिक विरासतों को भी विकसित करने जा रहा है। इन विरासतों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटन तो बढ़ेगा ही, लोगों के लिए रोजगार के अवसर और राजस्व में वृद्धि होगी।
Greater Noida News : उन्होंने बताया कि जेवर, रबूपुरा और दनकौर में कई प्राचीन मंदिर हैं। इतना ही नहीं, महर्षि जाबालि की धरती होने के कारण जेवर का इतिहास भी खुद में प्राचीन विरासत को समेटे हुए है। दनकौर में प्राचीन द्रोण मंदिर भी है, जिसे लेकर लोगों में आस्था कूट-कूटकर भरी हुई है।
डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यह पूरा इलाका महाभारत काल की कई घटनाओं का साक्षी रहा है। यहां उस दौर की अनेक विरासतें मौजूद हैं। अब यमुना प्राधिकरण इन सभी विरासतों को सहेजकर रखने की तैयारी में है। साथ ही इनका आधुनिक तरीके से विकास करने और लोगों को यहां की सांस्कृतिक विरासतों से परिचित करवाने की भी योजना है।
Greater Noida News : डॉ. अरुणवीर सिंह के अनुसार यमुना प्राधिकरण जेवर में बन रहे एयरपोर्ट के आसपास के 96 अधिसूचित गांवों का विकास कर रहा है। यहां एयरपोर्ट के के साथ ही फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क सहित कई बड़ी परियोजनाओं को तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में प्राधिकरण ने जेवर, दनकौर, रबूपुरा, बिलासपुर और जहांगीरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के विकास की योजना भी बनाई है।
उन्होंने बताया कि गांवों के साथ ही इन पांच नगर पंचायत क्षेत्रों का विकास कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। इन क्षेत्रों का बहुत ही पुराना और सांस्कृतिक इतिहास रहा है। साथ ही ये इलाके खुद में कई प्राचीन विरासतों को भी समेटे हुए हैं। इन क्षेत्रों का विकास लोगों में गौरव की भावना को भी बल देगा।
Greater Noida News : यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के मुताबिक दनकौर में मौजूद द्रोण मंदिर लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। जबकि जेवर को महर्षि जाबालि की धरती कहा जाता है। जेवर, दनकौर और रबूपूरा में कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनसे कई प्राचीन मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं।
इसके अलावा दनकौर में ही बर्ड सैंकचुअरी भी है। प्राधिकरण ने इन सभी को नए तरीके से विकसित करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि यहां के गांवों और नगर पंचायतों का विकास नोएडा और ग्रेटर नोएडा की खूबसूरती में चार चांद लगाएगा। इससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही राजस्व में भी वृद्धि होगी।
Greater Noida News : डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की बोर्ड मीटिंग 13 सितंबर को होने वाली है। उसी मीटिंग के दौरान इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को एक बड़ा तोहफा मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही यहां विकसित होने वाले 96 गांवों की सूरत तो बदलेगी ही, यहां के 5 नगर पंचायत क्षेत्र भी दमक उठेंगे। यहां की सांस्कृतिक विरासत लोगों को अपनी ओर काफी तेजी से खींचेगी।
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